Republic Day Deshbhakti Shayari 2025, गणतंत्र दिवस देश भक्ति शायरी दो लाइन: पूरा देश गणतंत्र दिवस के रंग में रंग चुका है। चारों ओर तिरंगा शान से फहरा रहा है। हर हिंदुस्तानी अपने दिल में देशभक्ति की अलख जगा भारत मां के गुणगान गा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ से पूरी दुनिया हिंदुस्तान के विविधता, समृद्धता, संस्कृति और परंपरा की झांकी देख रही है। हर गली मोहल्ले से राष्ट्रभक्ति के तरानों की गूंज सुनाई दे रही है। अपनी मातृभूमि के लिए ना जाने कितने ही शायरों ने जोश और देशभक्ति के नगमें लिखे हैं। मौका गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व का हो तो ये देशभक्ति शायरी मौजूं हो उठते हैं। तो आइए देखते हैं गणतंत्र दिवस की देशभक्ति शायरी हिंदी में:
Republic Day Deshbhati Shayari in Hindi (गणतंत्र दिवस पर शायरी, देशभक्ति शायरी)
Republic Day Deshbhakti Shayari | गणतंत्र दिवस देशभक्ति शायरी दो लाइन
1. उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आंखें।
गणतंत्र दवस की शायरी
2. वतन की धरती को अब छोड़ नहीं सकते,
हम हिंदुस्तानी इसे छोड़ नहीं सकते.
तिरंगे की शान है हमारी,
इससे जुड़ी तिजारत को छोड़ नहीं सकते
3. ये नफरत बुरी है, ना पालो इसे
दिलों में है नफरत तो निकालो इसे
ना तेरा, ना मेरा, ना इसका, ना उसका
ये सबका वतन है, बचा लो इसे!!
4. आन देश की शान देश की
देश की हम संतान हैं,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा
हमारी यह पहचान है।
गणतंत्र दिवस की शायरी
5. दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए-वफा आएगी।
6. दे सलामी तू इस तिरंगे को
जिससे तेरी आन बान और शान है,
सर हमेशा ऊंचा रखना तू इसका
जब तक तुझ में जान है
7. बहुत लंबी चली संघर्षों की डगर
आखिर पा ही लिया आजादी का नगर
आज अपना है गणतंत्र, अपना है संविधान।
Republic Day Shayari
8. चलो फिर से आज वो नज़ारा याद कर लें,
शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर लें,
जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पर,
चलो आज देशभक्तों के खून की वो धारा याद कर लें।
9. आओ झुककर सलाम करें उन्हें,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है।
खुशनसीब होता है वो खून,
जो देश के काम आता है।
10. कोई न छोड़ पाए
रिश्ता हमारा ऐसा कि कोई न तोड़ पाए
दिल एक और एक जान है हमारी
यह हिंदुस्तान शान है हमारी।
Republic Day Shayari in Hindi
11. न भूलेगा देश कभी वह नजारा
जब शहीदों के दिल में जल रही थी ज्वाला
उनकी लहू धारा में बहकर किनारे पर पहुंची आजादी
चलो आज उन वीर सपूतों को मिलकर करें हम नमन।
12. जिन्होंने देश के लिए दिया प्राणों का बलिदान
अमर शहीदों से देश के हर बेटे का है वादा
लहू बहाकर भी हम करेंगे देश की हिफाजत।
13. हर एक दिल में हिंदुस्तान है
राष्ट्र के लिए मान-सम्मान
भारत मां के बेटे हैं हम
इस मिट्टी पर हम सब को अभिमान है।
बता दें कि 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ था। तब से प्रत्येक वर्ष इस खास तारीख को गणतंत्र दिवस के तौर पर मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस का यह दिन डेढ़ सौ करोड़ भारतीयों के लिए गर्व और सम्मान का दिन होता है।
