Hindi Poems on Raksha Bandhan: दुनिया में भाई बहन का रिश्ता ऐसा है कि चाहे जितनी भी नोंक-झोक हो, लेकिन दोनों को एक दूसरे से ज्यादा प्यार कोई कोई नहीं करता। भले दोनों के बीच आपस में ना बने, लेकिन एक दूसरे के बिना भाई बहन रह भी नहीं सकते। इस रिश्ते की मिठास को पूरा हिंदुस्तान रक्षाबंधन के तौर पर मनाता है। यूं तो भाई बहन के प्यार को शब्दों में बयां करना थोड़ा मुश्किल होगा लेकिन फिर भी कुछ लोगों ने कविता के तौर पर इस निश्छल प्रेम को दुनिया के सामने रखा है। यहां हम भाई बहन और रक्षाबंधन के त्योहार पर लिखी कुछ कविताएं दे रहे हैं। इन कविताओं के रचनाकारों का नाम तो नहीं पता, लेकिन ये सोशल मीडिया पर खूब वायरल हैं:
रक्षाबंधन की कविताएं हिंदी में (Photo: Riddhima Kapoor Instagram)
Poems on Raksha Bandhan in Hindi (राखी पर कविता)
1. खुशियों की बहार लाई है राखी
रक्षाबंधन की सुबह आई, मानों खुशियों की बहार है छाई,
भाई की कलाई पर सजा दिया है बहन ने अपना प्यार,
लो बांध दिया है बहना ने धागे में लिपटी रिश्तों की अटूट डोर,
संग–संग बीता हंसते–खेलते साथ बचपन दोनों का,
हर सुख दुःख के साथी है यह बहन भाई की जोड़ी,
यह एक ही ऐसा रिश्ता है, जिसमें, वचन भी है, सम्मान भी है,
प्यार भी है और तकरार भी, पर एक दूजे की ढाल भी है,
भाई वो है जो बहना की आँखों में एक आंसू न देख सके,
बहन वो है जो भाई को एक आंच न आते देख सके,
यह रिश्ता भगवान की दिया सबसे प्यारा और न्यारा रिश्ता है,
हर साल इस पर्व पर, मिलती हैं बहनों को भाइयों से खूब प्यारी सौगातें,
बहन अरमानों की थाल सजा कर करती है भाई का अभिषेक।
2. राखी की यह डोर है बंधी प्रेम के बंधन से
भाई–बहन के रिश्ते की अनमोल है यह राखी की डोर,
रंग–बिरंगे धागे में, छुपा है बहन का स्नेह,
तोहफे की आड़ में भाई ने भी छुपाया है प्यार अपना,
जब भैय्या की कलाई पर बांधती है बहन राखी की डोर,
तब स्नेह की ये कड़ी जुड़ जाती है जन्मों–जन्मों को,
यह राखी मात्र एक धागा नहीं, परिवार को इसने जोड़ा है,
इस रिश्ते के सम्मान को इस डोर ने ही तो पकड़ा है,
जीवन के हर सुख–दुख के पल में इस डोर ने मान रखा है,
यह रिश्ता बहुत खास है, जिसने पाया वो भाग्यशाली,
जिसको न मिले भाई उसकी कान्हा करते रखवाली,
यह वचन का त्योहार है, यह प्यार का त्योहार है,
संग तुम्हारे होने से जीवन में, खुशियों की ये बरसात है।
3. क्या भैय्या तुम मुझसे एक वादा निभाओगे
क्या भैय्या तुम मुझसे एक वादा निभाओगे,
अपनी बहन को तुम इतना सशक्त बनाओगे?
मैं अपनी रक्षा खुद करूं, इतना बहादुर बनाओगे,
जरूरत पढ़ने पर शस्त्र उठा सकूं, क्या मेरी ढाल बन पाओगे?
तुम साथ मेरा ऐसा देना, कि मैं साथ दे सकूं औरों का,
तुम नींव मेरी मजबूत रखो, मैं साथ बन सकूं औरों का।
गिर कर मुझको उठने देना, क्या ऐसी रक्षा करोगे तुम,
अपना रास्ता खुद खोज सकूं, क्या ऐसे साथ दोगे तुम?
आजादी की सांस ले सकूं, अपने सपनों को उड़ान दे सकूं,
क्या मेरी हर उड़ान के पंख बन पाओगे तुम?
भैय्या इस राखी में लेना है तुझसे यह वादा,
चाहे कितनी भी मुश्किल आए हमेशा साथ तुम्हारा होगा।
क्या भैय्या तुम मुझसे एक वादा निभाओगे,
अपनी बहन को तुम इतना सशक्त बनाओगे?
4. रहूं सदा मैं साथ तेरे बहन
है तुमसे रहा यह मेरा वादा बहन,
रहूं सदा मैं साथ तेरे बहन,
एक आंच भी ना आने दूँ तुम पर,
यह वचन रहा मेरा तुमसे बहन।
मैं भाई भी हूं!
मैं दोस्त भी हूं!
मैं पिता भी हूं तुम्हारा,
तुम हम सब की लाड़ो हो,
तुमको लाड से पाला है मैंने,
तुम मेरे हाथ की पली हो,
तुम मेरी बिटिया हो बहन।
तेरी आंख कभी नम न हो,
तुझे कभी कोई गम न हो,
दुनिया की खुशी तेरे कदमो में रहे,
तेरे राह में कोई अड़चन न रहे,
खुशियां तेरी आंगन की चमक हो,
रौशन तेरा गुलशन सदा रहे,
है सदा सुरक्षित तू मेरी बहना,
यह अरदास मेरी है रब से,
है तुमसे रहा यह मेरा वादा बहन,
रहूं सदा मैं साथ तेरे बहन।
5. अपने संग खुशियां लाती राखी
हर सावन में जब आती राखी,
अपने संग खुशियाँ लाती राखी,
रंग बिरंगे धागों संग आती राखी,
भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है राखी,
बहन के रक्षा के वादों की राखी,
लंबी हो सबसे उम्र तुम्हारी,
इस कामना से सजा के यह थाली,
माथे पर तिलक लगा कर बहना,
भाई संग खुशियां मनाती है,
बहनों के दिल को भाती राखी,
भाई को अनमोल बनाती राखी,
रक्षा का अटूट विश्वास है राखी,
हर सावन में जब आती राखी,
अपने संग खुशियां लाती राखी।
आप इन कविताओं में से अपनी पसंदीदा कविता चुनकर अपना प्यार भाई या बहन को भेज सकते हैं। हमेशा याद रखें कि राखी रक्षा का त्योहार है, प्यार का त्योहार है, उस बंधन का त्योहार है जो कभी छूट नहीं सकता।
