मानसून का मौसम आते ही हर तरफ हरियाली छा जाती है। अगर आपके घर में छोटी-सी बालकनी, छत या आंगन है, तो यही समय है किचन गार्डन शुरू करने का। अक्सर बारिश का काफी पानी यूं ही नालियों में बह जाता है, लेकिन अगर उसे सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो वही पानी आपके पौधों के लिए बहुत बढ़िया साबित हो सकता है। इसी पानी से बारिश के मौसम में रेन गार्डन (Rain Garden) बनाया जा सकता है।
ये कोई बड़ा गार्डन नहीं, बल्कि ऐसा छोटा हिस्सा होता है जहां बारिश का पानी इकट्ठा होकर धीरे-धीरे जमीन में समा जाता है और आसपास लगे पौधों को नमी देता रहता है। इससे पानी की बचत भी होती है और पौधे भी अच्छी तरह बढ़ते हैं। आइए जानते हैं Rain Garden क्या होता है और इस मौसम में कौन-सी सब्जियां आसानी से उगाई जा सकती हैं।
Rain Garden क्या होता है?
Rain Garden घर के आंगन, बालकनी या बगीचे का ऐसा हिस्सा होता है, जहां बारिश का पानी कुछ समय के लिए रुकता है और धीरे-धीरे मिट्टी में चला जाता है। इसमें ऐसे पौधे लगाए जाते हैं जिन्हें नमी पसंद होती है। इससे पानी की बर्बादी कम होती है और पौधों को बार-बार पानी देने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
बारिश में पालक और मेथी आसानी से उगती है
अगर आप पहली बार किचन गार्डन बना रहे हैं, तो पालक और मेथी सबसे अच्छे विकल्प हैं। ये जल्दी उगती हैं और ज्यादा देखभाल भी नहीं मांगतीं। कुछ ही हफ्तों में ताजी हरी पत्तियां तैयार हो जाती हैं।
हरी मिर्च और धनिया उगाएं
बारिश के मौसम में हरी मिर्च और धनिया भी अच्छी तरह बढ़ते हैं। इन्हें गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है। बस ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न रहे।भिंडी और लौकी भी लगा सकते हैं
अगर आपके पास थोड़ी ज्यादा जगह है, तो भिंडी, लौकी या तोरई जैसी सब्जियां भी उगा सकते हैं। इन्हें बारिश का मौसम काफी पसंद आता है और सही देखभाल मिलने पर अच्छी पैदावार होती है।
बारिश में सबसे जरूरी बात यह है कि पौधों की जड़ों में पानी लंबे समय तक जमा न रहे। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर गमलों का अतिरिक्त पानी निकाल दें। Rain Garden और छोटा-सा किचन गार्डन मिलकर आपके घर को हरा-भरा बना सकते हैं। ताजी सब्जियां घर पर ही मिलेंगी, पानी की बचत होगी और बागवानी का मजा भी मिलेगा।
