फुलकारी से सिंधी कढ़ाई तक: बंटवारे ने भारतीय फैशन की कहानी कैसे बदली?

भारत-पाकिस्तान बंटवारे ने सिर्फ लोगों और परिवारों को नहीं बांटा, बल्कि कपड़ों और कारीगरी की दुनिया पर भी असर डाला। फुलकारी, सिंधी कढ़ाई और कुछ पारंपरिक शिल्प आज भी उस साझा विरासत की कहानी कहते हैं।

कपड़े सिर्फ पहनने की चीज नहीं होते, कई बार उनमें पूरा इतिहास छिपा होता है। भारत-पाकिस्तान का बंटवारा जब हुआ, तब लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर दूसरी जगह बसना पड़ा। उनके साथ सामान कम था, लेकिन यादों में बसे रंग, डिजाइन, सिलाई और कढ़ाई भी सफर पर निकल पड़ी। यही वजह है कि आज भारतीय फैशन में ऐसे कई काम नजर आते हैं, जिनकी जड़ें उस साझा सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हैं जो विभाजन से पहले पंजाब, सिंध और आसपास के इलाकों में फल-फूल रही थी।

फुलकारी से सिंधी कढ़ाई तक बंटवारे ने भारतीय फैशन की कहानी कैसे बदली

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