Osho Diet: खाने में मीठे के खूब शौकीन थे आचार्य रजनीश, जानिए कैसी थी ओशो की डाइट

ओशो के मुताबिक आप जिस मनोदशा में भोजन करते हैं उसका वैसा ही असर आपकी सेहत और शरीर पर पड़ता है। ओशो मानते थे कि अगर आप चिंता के भाव में भोजन कर रहे हैं तो मुमकिन है कि वह खाना आपके लिए जहर का काम करे। वहीं अगर आप पूरे आनंद भाव से खा रहे हैं, तो कई बार संभावना भी है कि खाने में मिला जहर भी आप पर असर ना करे।

Osho Diet: जब भी दुनिया के मशहूर दार्शनिकों की बात होती है तो एक नाम जरूर आता है। वह नाम है ओशो का। ओशो ने लोगों के बीच अपने दर्शन को इस तरह से रखा कि आज भी उनका अनुसरण करने वालों की संख्या करोड़ों में है। साल 1990 में ओशो ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन निधन के 35 साल बाद भी उनका दर्शन लोगों को अपनी ओर खींचता है। ओशो की जीवनशैली बेहद सधी हुई थी।

Osho

कैसा भोजन करते थे ओशो (Photo: Osho World)

सुबह सूर्योदय से पहले जग जाते थे ओशो

ओशो का दिन सुबह 5 बजे शुरू होता था। वह सबसे पहले सुबह 6 बजे काली चाय और फिर 7 बजे दूध वाली चाय पीते थे। चाय के साथ वह सेव भी लेते थे। नाश्ता वह सुबह 8 बजे के प्रवचन के बाद ही करते थे। रात में ओशो भोजन के बाद कुछ मीठा खाकर 11 बजे तक जरूर सो जाते थे। उनके दोपहर के भोजन में पीने के लिए जूस अवश्य होता था। यहां तक की सुबह स्नान के बाद भी ओशो जूस जरूरी पीते थे।

End of Feed