Nag Panchami Ke Gane, Geet, Bhajan lyrics in hindi (नाग पंचमी के गाने): सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाने वाला नाग पंचमी पर्व इस साल 17 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का स्मरण करने की भी परंपराहै। ऐसे में सुबह पूजा के दौरान या शाम को परिवार के साथ नाग पंचमी के भजन और गीत सुनना माहौल को और खास बना सकता है।
इंटरनेट पर इस पर्व से जुड़े कई पारंपरिक भजन और आरती उपलब्ध हैं। जिन्हें सुनकर और लिरिक्स पढ़कर आप नाग पंचमी के इस खास दिन पर नाग देवता का स्मरण कर सकते हैं और उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। देखें नाग पंचमी के गाने, नाग पंचमी पर कौनसा भजन है लिरिक्स इन हिंदी।
Nag Panchami Ke Gane
1. नागों ने डेरा डाला है..
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में, नागों ने डेरा डाला है
भगवान तुम्हारे मंदिर में, नागों ने डेरा डाला है
नागों ने डेरा डाला है, नागों ने डेरा डाला है
मैं जल, चढ़ाने आई हूँ, और दूध भी, साथ में लाई हूँ
वहाँ तेरी, जटा से ओ भोले, गंगा की धारा बहती है
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में, नागों ने डेरा डाला है
मैं भांग, चढ़ाने आई हूँ, और धतूरा भी, साथ में लाई हूँ
वहाँ तेरे, हाथों में ओ भोले, डंमरू भी डम डम वजता है
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में, नागों ने डेरा डाला है
मैं तिलक, लगाने आई हूँ, और हार भी, साथ में लाई हूँ
वहाँ माथे पे, तेरे ओ भोले, चँदा भी चम चम करता है
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में, नागों ने डेरा डाला है
मैं ढोलक, चिमटा लाई हूँ, और भजन, सुनाने आई हूँ
वहाँ पैरों में, तेरे ओ भोले, घुँघरू भी छम छम करते हैं
भोलेनाथ तुम्हारे मंदिर में, नागों ने डेरा डाला है
2. नाग देवता त्राहि माम्
नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।
कोमल कोमल अंग तिहारा ,
श्याम वरण तेरा लागे प्यारा।
झिलमिल झिलमिल चाल तुम्हारी,
जैसे जमना जल की धारा।
शेष हजार फनो वाले ,
भगतो की लाज बचाने वाले।
विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,
शंकर के गले को सजाने वाले।
नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।
सोवे बालक रोवे माता ,
ये कैसा अन्याय विधाता।
ये बालक है तुम पालक हो ,
प्राणदान दो, जीवनदान दाता।
शेष हजार फनो वाले ,
भगतो की लाज बचाने वाले।
विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,
शंकर के गले को सजाने वाले।
नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्,
नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।
3. तेरे डमरू की धुन सुनके,
तेरे डमरू की धुन सुनके,
मैं काशी नगरी आई हूँ,
मेरे भोले ओ बम भोले,
मैं काशी नगरी आई हूँ ॥
सुना है हमने ओ भोले,
तेरी काशी में मुक्ति है,
उसी मुक्ति को पाने को,
मैं काशी नगरी आई हूँ,
मेरे भोले ओ बम भोले,
मैं काशी नगरी आई हूँ ॥
सुना है हमने ओ भोले,
तेरी काशी में गंगा है,
उसी गंगा में नहाने को,
मैं काशी नगरी आई हूँ,
मेरे भोले ओ बम भोले,
मैं काशी नगरी आई हूँ ॥
सुना है हमने ओ भोले,
तेरी काशी में मंदिर है,
उसी मन्दिर में पूजा को,
मैं काशी नगरी आई हूँ,
मेरे भोले ओ बम भोले,
मैं काशी नगरी आई हूँ ॥
सुना है हमने ओ भोले,
तेरी काशी में भक्ति है,
उसी भक्ति को पाने को,
मैं काशी नगरी आई हूँ,
मेरे भोले ओ बम भोले,
मैं काशी नगरी आई हूँ ॥
तेरे डमरू की धुन सुनके,
मैं काशी नगरी आई हूँ,
मेरे भोले ओ बम भोले,
मैं काशी नगरी आई हूँ ॥
