1947 का भारत: जब चांदी की प्लेट में आया डॉगी के लिए चिकन, बाथरूम में छिपकर खुद खा गईं लेडी माउंटबेटन

लॉर्ड माउंटबेटन ब्रिटिश भारत के अंतिम वायसराय और आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल बने। लॉर्ड माउंटबेटन के साथ उनकी टीम के अलावा उनकी पत्नी लेडी एडविना और बेटी पामेला भी भारत आई थीं।

साल था 1947 और तारीख 22 मार्च । दिल्ली में सर्दियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई थीं। दूसरी तरफ भारतीय राजनीति का माहौल बेहद गर्म था। भारत अपनी आजादी के मुहाने पर खड़ा था। वह अंग्रेजों के गुलामी की जंजीर तोड़ चुका था। बस आखिरी कड़ी बाकी थी। गांधी, नेहरू और पटेल जैसे न जाने कितने ही बड़े नेताओं ने आजाद हिंदुस्तान को संवारने का ब्लूप्रिंट भी तैयार कर रखा था। मोहम्मद जिन्ना को भी उनका पाकिस्तान मिलने वाला था। देश के दो हिस्से होने वाले थे। ये सारी चीजें आसानी से हो जाएं, इसके लिए ब्रिटिश हुकूमत ने जिम्मेदारी सौंपी थी लॉर्ड माउंटबेटन को। इसी ड्यूटी को निभाने 22 मार्च 1947 को माउंटबेटन भारत आए।

Lady Mountbatten Dog Food Edwina

सत्ता, शोहरत और एक प्लेट चिकन: लेडी माउंटबेटन के उस अजीब किस्से की पूरी कहानी (AI Image)

लॉर्ड माउंटबेटन ब्रिटिश भारत के अंतिम वायसराय और आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल बने। लॉर्ड माउंटबेटन के साथ उनकी टीम के अलावा उनकी पत्नी लेडी एडविना और बेटी पामेला भी भारत आई थीं। माउंटबेटन अपने परिवार के साथ भारत में करीब 15 महीने रहे। माउंटबेटन फैमिली को रहने के लिए दिल्ली का गवर्नर हाउस मिला था। इसी गवर्नर हाउस को आजाद भारत ने राष्ट्रपति भवन बनाया।

End of Feed