Mother's Day History and Significance: मां का हर बच्चे की जिंदगी में सबसे अहम रोल होता है। इस दुनिया में कोई भी इंसान मां की कमी को पूरा नहीं कर सकता। मां का अपने बच्चों के साथ ऐसा कनेक्शन होता है कि वो बिना कुछ कहे ही समझ जाती हैं। मां बच्चों को अच्छी परवरिश देने के साथ साथ उन्हें सही रास्ता भी दिखाती हैं। मां के बलिदानों को याद करने के लिए हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को विश्व भर में मदर्स डे (Mother’s day) मनाया जाता है। इस साल मदर्स डे (Mother’s day) 12 मई को मनाया जाएगा। ऐसे में जानिए क्या है मदर्स डे का इतिहास और क्या है इसका महत्व।
मदर्स डे का इतिहास
मदर्स डे की शुरुआत अमेरिकन महिला एना जॉर्विस ने की थी। मदर्स डे मनाने की शुरुआत औपचारिक रूप से 9 मई 1914 को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने की थी। इसके लिए अमेरिकी संसद में कानून पास किया गया था और हर साल मई महीने के दूसरे संडे को मदर्स डे के रूप में मनाने का ऐलान किया गया था।
मदर्स डे मनाने का उद्देश्य
एना जॉर्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। एनी अपनी मां से बहुत ज्याया इंस्पायर थीं और उन्होंने उनके मरने के बाद शादी न करने का फैसला किया था। एना ने अपनी मां के बलिदानों को सम्मान देने के लिए मदर्स डे की शुरुआत की थी। यूरोप में मदर्स डे को मदरिंग संडे कहा जाता है। जबकि ईसाई समुदाय के लोग इसे वर्जिन मेरी के रूप में मनाते हैं।
