Mirzapur से फिर गूंजा सांसों की माला पे, विदेशी धरती पर दिलजीत ने दी आवाज... आखिर किसने लिखा यह अमर कलाम

Saanson Ki Mala Pe Original Writer: मिर्जापुर द मूवी और दिलजीत दोसांझ से फिर चर्चा में आए ‘सांसों की माला’ के असली लेखक कौन हैं? जानिए तुफैल होशियारपुरी, नुसरत फतेह अली खान, मीराबाई और गुरबानी से इसका संबंध।

Saanson Ki Mala Pe Original Writer: फिल्म मिर्जापुर द मूवी में ‘सांसों की माला’ सुनते हुए मेरा ध्यान कुछ पल के लिए कहानी से हटकर गीत पर टिक गया। यह धुन जानी-पहचानी थी, लेकिन दृश्य के साथ उसका असर बिल्कुल नया लगा। बीना त्रिपाठी के भीतर दबे प्रेम, दर्द और उलझन को गीत वह आवाज दे रहा था, जो शायद संवाद नहीं दे सकते थे।

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बीना त्रिपाठी से दिलजीत के मंच तक—फिर गूंजा नुसरत का मशहूर कलाम ‘सांसों की माला’

फिल्म के लिए इसका नया संस्करण मधुर शर्मा और वैभव पानी ने तैयार किया है। इसके मूल में उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की यादगार प्रस्तुति मौजूद है। मिर्जापुर ने इस पुराने कलाम को नई पीढ़ी के सामने रखा तो इसके कुछ दिन बाद दिलजीत दोसांझ ने इसे विदेशी मंच पर गाकर चर्चा और बढ़ा दी।

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