Mirza Ghalib Shayari: मैं भी मुंह में जबान रखता हूं, काश पूछो कि मुद्दा क्या है.., पढ़ें मिर्जा गालिब के 15 मशहूर शेर

Mirza Ghalib Shayari: मिर्जा गालिब महज एक शायर ही नहीं बल्कि दार्शनिक भी थे। उनकी शायरी में उनका दर्शन बखूबी नजर आता है। वे साधारण शब्दों में बड़ी आसानी से गहरे विचार बयां कर जाते। उनकी शायरी में वो जादू है कि जो एक बार पढ़ ले तो उसी में डूब कर रह जाता है।

Mirza Ghalib Shayari in Hindi: मिर्जा गालिब का असली नाम मिर्जा असदुल्लाह खां 'गालिब' थी। वह उर्दू और फारसी शायरी के कितने चमकीले सितारे थे, ये बताने की जरूरत नहीं है। उनकी शायरियां आज भी लोगों के जुबान पर चढ़ी हुई हैं। दिल्ली में जन्मे गालिब ने अपनी शायरी में प्रेम, दर्द और जीवन के दर्शन को बखूबी पिरोया। गालिब का जीवन भले मुश्किलों से भरा था लेकिन उनकी शायरी में गहराई के साथ ही एक अजीब सी मस्ती झलकती थी। यहां पढ़ें मिर्जा गालिब के चंद मशहूर शेर:

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मिर्ज़ा गालिब के मशहूर शेर (Photo: Ghalib Academy fb)

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1. हुआ है शह का मुसाहिब फिरे है इतराता

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