Mahatma Gandhi Death Anniversary: 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 75वी पुण्यतिथि है। इसे हर साल शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने बापू की तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। महात्मा गांधी का जन्म साल 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। सत्य और अहिंसा के बल पर बापू ने इस देश को आजादी दिलाई थी। हालांकि, गांधीजी के बारे में ऐसे कई तथ्य है, जिसे अभी तक लोग नहीं जानते हैं।
Mahatma Gandhi
महात्मा गांधी का शुक्रवार से गहरा नाता था। महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 में हुआ था। उस दिन शुक्रवार था। वहीं, भारत भी शुक्रवार यानी 15 अगस्त 1947 के दिन आजाद हुआ था। वहीं, महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को शुक्रवार के ही दिन की गई थी। गांधी जी की हत्या बिरला भवन के बगीचे में हुई थी। उनकी शवयात्रा में करीब दस लाख लोग शामिल हुए थे। वहीं, 15 लाख से अधिक लोग रास्ते में खड़े हुए थे। उनकी शवयात्रा आठ किलोमीटर लंबी चली थी।
यहां हुई थी अस्थियां विसर्जित
महात्मा गांधी की अस्थियां देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रवाहित हुई थी। उनकी मृत्यु के 13 दिन बाद अस्थियां विसर्जित की गई थी। गांधीजी की अस्थियां देश के अलग-अलग हिस्सों में कई पवित्र सरोवरों में विसर्जित की गई थी। एक कलश को इलाहाबाद में स्थित गंगा नदी में प्रवाहित किया गया था। इसके अलावा ताप्ति नदी में भी अस्थियों को विसर्जित किया था। साल 2010 में महात्मा गांधी की 62वीं पुण्यतिथि के मौके पर उनकी अस्थियों को हिंद महासागर में विसर्जित किया गया था। हिंद महासागर दक्षिण अफ्रीका और भारत को जोड़ता है।
महात्मा गांधी अपने पास हमेशा एक गीता रखते थे। इसके अलावा वे महावीर स्वामी के पंचमहाव्रत और महात्मा बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का पालन करते थे। गांधीजी अपने जीवन में हर दिन 18 किलोमीटर चलते थे।
