कभी लुंगी और शर्ट तक सीमित था ये फैशन, फिर ट्रेंड में क्यों लौट रहा है मद्रास चेक्स

पारंपरिक मद्रास चेक हाथ से बुना जाता था। इसमें रंगीन धागों का इस्तेमाल होता था और पुराने कपड़ों में रंगों का थोड़ा-बहुत फैलना भी इसकी खासियत थी।

फैशन की दुनिया में पुरानी चीजों की वापसी कोई नई बात नहीं है। हालांकि कुछ वापसी अपने साथ एक पूरी कहानी लेकर आती हैं। मद्रास चेक्स भी ऐसा ही फैशन है। कभी दक्षिण भारत की गर्मी में पहनी जाने वाली हल्की-फुल्की कॉटन की पोशाकों और लुंगी से जुड़ा यह चेक पैटर्न आज फिर फैशन की दुनिया में दिखाई दे रहा है। शर्ट, स्कर्ट, ड्रेस, को-ऑर्ड सेट और यहां तक कि डिजाइनर कलेक्शन में भी इसे नए अंदाज में पेश किया जा रहा है। मद्रास चेक्स की कहानी के पीछे भारत के टेक्सटाइल इतिहास, बुनकरों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लंबी कहानी छिपी है।

Madras Cheques

फिर से फैशन में लौटा मद्रास चेक (Photo: Pinterest)

आखिर क्या है मद्रास चेक?

मद्रास चेक हल्का कॉटन फैब्रिक है, जिसमें अलग-अलग रंगों की धारियां एक-दूसरे को काटती हुई चेक पैटर्न बनाती हैं। इसका नाम पुराने शहर मद्रास यानी आज के चेन्नई से जुड़ा है।

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