कुमार विश्वास की कविता इन हिंदी, Kumar Vishwas Poetry in Hindi: हिंदी के प्रख्यात कवि डॉ कुमार विश्वास की कविताएं सुन हर किसा का मन एकदम ही प्रसन्न हो उठता है। इस सुहाने से दिन में अगर आपको भी प्रेम, प्यार पर समर्पित कोई प्यारी सी कविता पढ़ने का मन है। तो डॉ कुमार विश्वास द्वारा कही गई ये वाली कविताएं पढ़ सकते हैं। जब बात मोहब्बत की हो तो कुमार विश्वास की प्रेम कविताओं का जिक्र आ ही जाता है। ये कविताएं आप अपने पार्टनर को भेज सकते हैं और कविता के माध्यम से अपने दिल का हाल भी बयां कर सकते हैं। देखें हिंदी में डॉ कुमार विश्वास की कविता, लिरिक्स इन हिंदी, प्रेम पर कविता, हिंदी की कविता।
कुमार विश्वास की कविता
एक गीत पलकों पर लिखना
एक गीत होंठों पर लिखना
यानि सारी गीत हृदय की
मीठी-सी चोटों पर लिखना
जैसे चुभ जाता है कोई कांटा नंगे पांव में
ऐसे गीत उतर आते हैं, मेरे मन के गांव में
जब भी मुंह ढंक लेता हूं
तेरे जुल्फों की छांव में
कितने गीत उतर आते हैं
मेरे मन के गांव में
तुम्हारे पास हूं लेकिन जो दूरी है समझता हूं,
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है समझता हूं।
तुम्हें मैं भूल जाऊंगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है समझता हूं।
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!
मैं तुझसे दूर कैसा हूं, तू मुझसे दूर कैसी है।
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !!
मैं तुम्हें ढूंढने स्वर्ग के द्वार तक
रोज जाता रहा, रोज आता रहा
तुम गजल बन गईं, गीत में ढल गईं
मंच से मैं तुम्हें गुनगुनाता रहा,
Kumar Vishwas Poem On Love
तू मगर मैं तेरे पास हूँ
दिल है गर तू तो दिल का मैं एहसास हूँ
प्रार्थना या इबादत या पूजा कोई
भावना है अगर तू मैं विश्वास हूँ
तुम्हारा प्यार लड्डुओं का थाल है
जिसे मैं खा जाना चाहता हूँ
तुम्हारा प्यार एक लाल रूमाल है
जिसे मैं झंडे-सा फहराना चाहता हूँ
तुम्हारा प्यार एक पेड़ है
जिसकी हरी ओट से मैं तारों को देखता हूँ
तुम्हारा प्यार एक झील है
जहाँ मैं तैरता हूँ और डूबा रहता हूँ
