Jumma Shayari: 'हर जुमा गुड-फ्राइडे है मिरा, रात भी उस की क्या सुहानी है..', पढ़े जुमा शायरी हिंदी में

Jumma Shayari in Hindi: सूफी परंपरा में भी जुमा को रूहानी तौर पर बहुत अहमियत दी गई है। सूफी संतों का मानना है कि जुमा, हर हफ्ते मिलने वाला खुदा का खास तोहफा है, जिसमें बंदा, खुदा के करीब आता है।

Jumma Shayari in Hindi: इस्लाम में जुमा सबसे पाक और बरकतों से भरा दिन माना जाता है। जुमे को सिर्फ सप्ताह का आखिरी दिन ही नहीं माना जाता, इसे रूह की सफाई और अल्लाह से नजदीकी का जरिया भी माना गया है। इस दिन लोग मस्जिदों में जमा होकर नमाज़ पढ़ते हैं, दिल से दुआ मांगते हैं और अपने गुनाहों की माफी चाहते हैं। ऐसा विश्वास है कि जुमा के दिन जो भी सच्चे दिल से मांगता है, वह कुछ न कुछ पा ही लेता है। सूफी परंपरा में भी जुमा को रूहानी तौर पर बहुत अहमियत दी गई है। सूफी संतों का मानना है कि जुमा, हर हफ्ते मिलने वाला खुदा का खास तोहफा है, जिसमें बंदा, खुदा के करीब आता है। इसी जुमे पर कई मशहूर शायरों ने बेहतरीन शेर लिखे हैं। पढ़ें जुमा शायरी हिंदी में:

Jumma Shayari

जुमा पर शायरी (Photo: AI Image)

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1. भागी नमाज़-ए-जुमा तो जाती नहीं है कुछ

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