क्या रिलेशनशिप में पार्टनर को फोन चेक करने की छूट देनी चाहिए? आज जान लें कपल्स

कुछ कपल्स मानते हैं कि उनके रिश्ते में कुछ छुपाने जैसा है ही नहीं। वे एक-दूसरे से फोन, सोशल मीडिया पासवर्ड शेयर करते हैं और इसे पारदर्शिता मानते हैं। लेकिन विशेषज्ञ चेताते हैं।

रिलेशनशिप में आज सबसे बड़ी बहस भरोसे और प्राइवेसी के बीच संतुलन की है। कॉल्स से लेकर चैट्स और लोकेशन से फोटोज तक, स्मार्टफोन हमारी डेली लाइफ का हर रिकॉर्ड रखते हैं। ऐसे में यह सवाल बार-बार उठता है कि क्या पार्टनर को अपना फोन चेक करने की अनुमति देना चाहिए? क्या ऐसा करना ही सच्चे प्यार की निशानी है या फिर रिश्तों के कमजोर होने की शुरुआत? ऐसे सवाल आज के कपल्स को खूब परेशान करते हैं। तो आइए समझते हैं कि एक दूसरे को अपना फोन चेक करने की अनुमति देना कितना सही और कितना गलत है:

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रिलेशनशिप में एक-दूसरे का फोन चेक करने की छूट देना कितना सही? हर कपल को जानना जरूरी (Photo: iStock)

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि हेल्दी रिलेशनशिप की नींव बिना शर्त विश्वास पर टिकी होती है। जब आप किसी को अपना पार्टनर चुनते हैं तो यह मानकर चुनते हैं कि वह आपको धोखा नहीं देगा। फोन चेक करने की छूट देना या मांगना कहीं न कहीं इस विश्वास में दरार का संकेत है। ट्रस्ट तब बनता है जब आप अपने पार्टनर की प्राइवेसी का सम्मान करते हैं, न कि जब आप उसे साबित करने के लिए मजबूर करते हैं।

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