पटाखों में इस्तेमाल होने वाली इस चीज से रेशम से चमकेंगे बाल, चेहरा भी खिलेगा कमाल

यह दिखने में पीले रंग का होता है और उसकी गंध असहनीय होती है, लेकिन आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल त्वचा संबंधी रोग, यौवन को बनाए रखने और रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है।

कुछ खनिज या रासायनिक तत्व ऐसे होते हैं, जिनका इस्तेमाल खेतों से लेकर पटाखों तक में किया जाता है, लेकिन वही रसायन औषधि के रूप में भी काम करते हैं और कई रोगों से निजात दिलाने में मदद करते हैं। हम बात कर रहे हैं गंधक की। गंधक का नाम सभी ने सुना होगा, क्योंकि दादी और मां गंधक का प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए करती हैं, लेकिन इसका प्रयोग आयुर्वेद में औषधि के तौर पर किया जाता है।

Sulphur for Skin

स्किन और बालों के लिए लाभकारी है गंधक (Photo: Nayanthara/instagram)

गंधक एक रसायन है और इसका वैज्ञानिक प्रतीक 'एस' है और इसे बाजार में सल्फर के नाम से भी जाना जाता है। यह दिखने में पीले रंग का होता है और उसकी गंध असहनीय होती है, लेकिन आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल त्वचा संबंधी रोग, यौवन को बनाए रखने और रोग-प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है। इसका स्वाद तीखा और कसैला होता है और तासीर गर्म होती है। अगर शरीर में वात और कफ का असंतुलन है, तो गंधक इन्हें बैलेंस करता है।

End of Feed