How to pack school bag for a rainy day: बारिश के दिनों में बच्चे को स्कूल भेजना केवल यूनिफॉर्म पहनाने, टिफिन रखने और बस तक छोड़ने भर का काम नहीं रहता। सुबह आसमान साफ देखकर हम निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन छुट्टी के समय अचानक तेज बारिश शुरू हो सकती है। बच्चा घर लौटता है तो कभी कॉपियों के पन्ने आपस में चिपके मिलते हैं, कभी टिफिन का पानी पूरे बैग में फैल चुका होता है और कभी गीले मोजों की वजह से वह दिनभर परेशान रहता है।
बारिश में स्कूल बैग पैक करने के प्रैक्टिकल टिप्स (AI Image)
ऐसे में बैग में बहुत सारा सामान भरने की नहीं, बल्कि उसे थोड़ी समझदारी से पैक करने की जरूरत है।
रेन कवर को बैग में जरूर रखें
बैग पर ‘वॉटरप्रूफ’ लिखा हो, तब भी बारिश में उस पर पूरी तरह भरोसा न करें। सिलाई, चेन और छोटी जेबों से पानी अंदर पहुंच सकता है। इसलिए बैग के साथ अच्छी फिटिंग वाला रेन कवर जरूर रखें। कवर इतना ढीला न हो कि चलते समय फिसल जाए।
रेन कवर बैग में रख देना ही काफी नहीं है। एक-दो बार घर पर बच्चे से इसे लगवाकर देखें। अचानक बारिश होने पर वह खुद इसे आसानी से इस्तेमाल कर पाएंगे।
किताबें बैग के अंदर कैसे सेफ रहेंगी
हम अक्सर सारी किताबें सीधे बैग में रख देते हैं और मान लेते हैं कि रेन कवर उन्हें बचा लेगा। बेहतर होगा कि कॉपियों और किताबों को पारदर्शी जिप पाउच या हल्के प्लास्टिक फोल्डर में रखा जाए। विषय के हिसाब से अलग-अलग पाउच बनाने पर बच्चे के लिए सामान निकालना भी आसान रहेगा।
स्कूल डायरी, प्रोजेक्ट शीट, ड्रॉइंग और होमवर्क वाली कॉपी को अलग वॉटरप्रूफ फोल्डर में रखें। साथ ही, हर दिन टाइम टेबल देखकर गैरजरूरी किताबें निकाल दें। बारिश में पहले ही रास्ता संभालना मुश्किल होता है, उस पर भारी बैग बच्चे की परेशानी और बढ़ा देता है।
कई बार बारिश नहीं, टिफिन खराब करता है बैग
मानसून में गीली कॉपियों का दोष हमेशा बारिश को नहीं दिया जा सकता। कई बार ठीक से बंद न हुई बोतल या टिफिन में दी गई ग्रेवी वाली सब्जी यह काम कर देती है। टिफिन पैक करने के बाद एक बार उसे हल्का-सा पलटकर देख लें कि कहीं से कुछ लीक तो नहीं हो रहा।
टिफिन को अलग पाउच में रखें और पानी की बोतल हमेशा बैग की बाहरी पॉकेट में लगाएं। इस मौसम में बहुत पतली ग्रेवी, जरूरत से ज्यादा रसदार फल और जल्दी खराब होने वाली चीजें टिफिन में देने से बचें।
‘रेनी डे पाउच’ बनाएं
बैग में छोटा जिप पाउच रखें, जिसे केवल बारिश के मौसम में इस्तेमाल किया जाए। इसमें एक छोटा तौलिया, रूमाल, टिश्यू, अतिरिक्त मोजे और एक खाली जिप बैग रखा जा सकता है। मोजे भीग जाएं तो बच्चा उन्हें बदलकर गीले मोजे खाली पाउच में रख सकता है।
यदि स्कूल अनुमति देता है तो छोटे बच्चों के लिए एक हल्की अतिरिक्त टी-शर्ट भी रखी जा सकती है। ये चीजें बैग में बहुत जगह नहीं लेंगी, लेकिन जरूरत पड़ने पर बच्चे का पूरा दिन आरामदायक बना सकती हैं।
छोटे बच्चों के लिए रेनकोट ज्यादा सुविधाजनक
छोटे बच्चे एक हाथ में छाता, दूसरे में बैग और पानी भरे रास्ते- तीनों को एक साथ आसानी से नहीं संभाल पाते। उनके लिए हल्का और चमकीले रंग का रेनकोट अधिक सुविधाजनक रहता है। इससे दोनों हाथ खाली रहते हैं और सड़क पर बच्चा दूर से दिखाई भी देता है।
गीला रेनकोट किताबों के साथ रखने के बजाय उसके लिए अलग पाउच दें। बच्चे को समझाएं कि रेनकोट उतारने के बाद उसे उसी पाउच में रखना है।
रात के पांच मिनट सुबह की भागदौड़ बचाएंगे
मानसून में बच्चे का बैग रात को ही पैक करना ज्यादा समझदारी है। सुबह केवल चार चीजें जांच लें—टिफिन का लॉक, बोतल का ढक्कन, रेन कवर और अतिरिक्त मोजे।
बच्चे के घर लौटते ही बैग को बंद पड़ा न रहने दें। किताबें निकालकर देखें, खाली बैग को कुछ देर हवा में रखें और गीला रेनकोट तुरंत सुखा दें। ये छोटी-सी आदतें कॉपियों को सीलन, बैग को बदबू और बच्चे को दिनभर की झुंझलाहट से बचा सकती हैं।
