Shayari on Hariyali: तू ही फूल सितारा सावन हरियाली, और कभी तू नागासाकी या अल्लाह.., पढ़ें हरियाली पर लिखे खूबसूरत शेर

Shayari on Hariyali: सावन में बादलों की ओट से छनती धूप, हल्की फुहारें और चिड़ियों की चहचहाहट मिल कर ऐसा माहौल बनाती हैं कि कोई भी बस उसी में डूब कर रह जाए।

सावन का महीना आ चुका है। सावन की आमद के साथ ही धरती पर हरियाली की चादर बिछ जाती है। सूखी शाखें हरी पत्तियों से सज जाती हैं। खेतों में नई जान दौड़ पड़ती है। बादलों की ओट से छनती धूप, हल्की फुहारें और चिड़ियों की चहचहाहट मिल कर ऐसा माहौल बनाती हैं कि कोई भी बस उसी में डूब कर रह जाए।आइए पढ़ें हरियाली पर लिखे चंद मशहूर शेर:

Hariyali

हरियाली पर शायरी हिंदी में (Photo: Pexels)

1. राख हुई जाती है सारी हरियाली

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