गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु के प्रति सम्मान और आभार जताने का होता है। ऐसे खास मौके पर घर में पूजा-पाठ के साथ कुछ मीठा बनाने की परंपरा भी कई परिवारों में रहती है। लेकिन हर बार मिठाई खरीदकर लाने के बजाय इस बार रसोई में कुछ ऐसा बनाएं, जिसमें स्वाद के साथ अपनापन भी हो। मखाना खीर ऐसी ही एक आसान मिठाई है। इसका स्वाद हल्का, मलाईदार और बेहद कम्फर्टिंग होता है और इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती।
दूध, मखाना, चीनी और थोड़े-से मेवे इसके मुख्य सामग्री हैं। चाहें तो इसमें इलायची और केसर डालकर खुशबू भी बढ़ा सकते हैं। गुरु पूर्णिमा पर इसे पहले भगवान को भोग लगाकर फिर परिवार और गुरुजनों के साथ प्रसाद की तरह बांटा जा सकता है। खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती, लेकिन घर में बनी मिठाई का स्वाद हमेशा कुछ अलग ही लगता है।
गुरु पूर्णिमा पर क्यों बनाएं मखाना खीर?
गुरु पूर्णिमा पर ऐसी मिठाई अच्छी लगती है, जो बहुत भारी-भरकम न हो और जिसे परिवार के सभी लोग आसानी से खा सकें। मखाना खीर इसी वजह से बढ़िया विकल्प है। मखाने को दूध में पकाने से इसका टेक्सचर मुलायम और स्वाद बेहद अच्छा हो जाता है। ऊपर से कटे हुए बादाम-पिस्ता डाल दें तो साधारण-सी खीर भी त्योहार वाली फील देने लगती है।
मखाना खीर बनाने के लिए सामग्री
1 लीटर दूध
1 कप मखाना
4-5 बड़े चम्मच चीनी
1 बड़ा चम्मच घी
5-6 बादाम
5-6 पिस्ता
3-4 काजू
2-3 इलायची
थोड़े से केसर के धागे, चाहें तो
ऐसे बनाएं मखाना खीर
1. पहले मखाने भूनें
कड़ाही में थोड़ा घी गर्म करें और उसमें मखाने डालकर धीमी आंच पर कुछ मिनट भूनें। इन्हें तब तक भूनें, जब तक मखाने हल्के कुरकुरे न हो जाएं। गैस बंद करके उन्हें थोड़ा ठंडा होने दें।
2. मखाने को थोड़ा क्रश करें
सारे मखानों को बिल्कुल पाउडर बनाने की जरूरत नहीं है। कुछ मखानों को हाथ से या बेलन की मदद से हल्का-सा तोड़ दें। इससे खीर में एक साथ क्रीमी और हल्का क्रंची टेक्सचर आएगा।
यही छोटी-सी ट्रिक आपकी खीर को सामान्य खीर से थोड़ा अलग बना सकती है।
3. अब दूध पकाएं
एक भारी तले वाले बर्तन में दूध डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। दूध में उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और कुछ मिनट पकने दें।
अब इसमें भुने हुए मखाने डाल दें और बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध नीचे न लगे।
4. चीनी और इलायची डालें
मखाने जब नरम होने लगें, तब चीनी और इलायची डालें। करीब 8-10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। अगर आप केसर डालना चाहते हैं, तो उसे थोड़े गर्म दूध में भिगोकर खीर में मिला सकते हैं।
5. मेवों से दें फाइनल टच
अंत में कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू डालें। दो मिनट और पकाएं और गैस बंद कर दें।
खीर को गर्म भी परोसा जा सकता है और ठंडा करके भी। अगर पूजा के लिए बना रहे हैं तो पहले इसे थोड़ा ठंडा होने दें और फिर अपनी परंपरा के अनुसार भोग लगाएं।
गुरु पूर्णिमा की इस मिठाई को खास बनाने का एक प्यारा तरीका है। खीर परोसते समय उस व्यक्ति का नाम जरूर लें, जिससे आपने जिंदगी में कोई अच्छी सीख पाई हो। वह शिक्षक हो सकता है, माता-पिता, दादा-दादी या कोई ऐसा इंसान जिसने मुश्किल वक्त में आपका रास्ता आसान किया हो।
