GRWM Videos Trend: कभी तैयार होने के लिए आईने के सामने खड़े होकर अपनी पसंद की लिपस्टिक लगाना ही काफी होता था। अब कई महिलाओं के लिए मेकअप शुरू करने से पहले फोन पर एक वीडियो देखना भी रूटीन का हिस्सा बन गया है। कौन सा सीरम चेहरे पर ग्लो लाएगा, किस लिपस्टिक के साथ कौन सा लिप लाइनर जचेगा और किस तरह मेकअप करने से चेहरा ज्यादा खूबसूरत दिखेगा, इन सवालों के जवाब अब सोशल मीडिया पर तलाशे जा रहे हैं। खासकर इंस्टाग्राम पर GRWM यानी गेट रेडी विद मी वीडियोज ने तैयार होने के अंदाज को ही बदल दिया है।
ऑफिस लुक हो या पार्टी की तैयारी, GRWM वीडियोज बदल रहे हैं महिलाओं का ब्यूटी रूटीन (AI Image)
दिलचस्प बात यह है कि इन वीडियोज में सिर्फ मेकअप करना नहीं सिखाया जा रहा, बल्कि खूबसूरती का एक नया पैमाना भी तैयार हो रहा है। अब ब्यूटी रूटीन में प्रोडक्ट्स की लिस्ट लंबी होती जा रही है और परफेक्ट स्किन पाने की चाह भी बढ़ रही है। सवाल यह है कि क्या GRWM वीडियोज महिलाओं को अपनी खूबसूरती निखारने के नए तरीके सिखा रहे हैं या अनजाने में उन पर हर वक्त खूबसूरत दिखने का दबाव भी बना रहे हैं?
GRWM वीडियोज में ऐसा क्या है खास
GRWM वीडियोज की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह इनका निजी और सहज अंदाज है। कोई क्रिएटर ऑफिस के लिए तैयार होते हुए अपनी पसंदीदा लिपस्टिक दिखाता है, तो कोई नाइट स्किनकेयर रूटीन साझा करता है। शादी या पार्टी के लिए तैयार होने से लेकर रोजमर्रा के मेकअप तक, हर मौके के लिए यहां कोई न कोई वीडियो मिल जाता है।
अब यह ट्रेंड सिर्फ मेकअप तक सीमित नहीं है। मॉर्निंग स्किनकेयर, हेयर केयर, बॉडी केयर और नए ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी इसका हिस्सा बन चुके हैं। महिलाओं को नए लुक्स आजमाने और मेकअप की तकनीकें सीखने का मौका मिल रहा है। सनस्क्रीन, सीरम और त्वचा की देखभाल जैसे विषय भी पहले से ज्यादा चर्चा में हैं।
लेकिन इसी के साथ एक बदलाव और आया है। तैयार होने के लिए अब कई बार पहले से ज्यादा प्रोडक्ट्स और स्टेप्स जरूरी लगने लगे हैं।
क्लींजर से सीरम तक, बढ़ती जा रही है ब्यूटी प्रोडक्ट्स की लिस्ट
पहले रोजमर्रा के स्किनकेयर में चेहरा साफ करना, मॉइस्चराइजर लगाना और सनस्क्रीन इस्तेमाल करना काफी माना जाता था। अब सोशल मीडिया पर कई चरणों वाले रूटीन दिखाई देते हैं। टोनर, एसेंस, विटामिन सी सीरम, आई क्रीम और दूसरे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स वाले प्रोडक्ट्स की लंबी लिस्ट देखकर लगता है कि अच्छी त्वचा के लिए यह सब जरूरी है।
एक वीडियो देखकर कोई नया प्रोडक्ट खरीदने का मन करता है, तो दूसरा वीडियो किसी और प्रोडक्ट की जरूरत महसूस करा देता है। कई बार ब्यूटी रूटीन अपनी जरूरत के बजाय दूसरों को देखकर तय होने लगता है।
हालांकि हर किसी की त्वचा अलग होती है। किसी इन्फ्लुएंसर को सूट करने वाला प्रोडक्ट जरूरी नहीं कि हर महिला की त्वचा के लिए भी सही हो। जरूरत से ज्यादा प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने पर जलन, रूखापन, एलर्जी या मुंहासों जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
क्या फिल्टर वाली खूबसूरती बन रही है नया ब्यूटी स्टैंडर्ड
GRWM वीडियो में अक्सर बेदाग त्वचा, चमकता चेहरा और परफेक्ट मेकअप दिखाई देता है। अच्छी रोशनी, कैमरा एंगल, फिल्टर और एडिटिंग भी इस लुक को बेहतर बनाने में भूमिका निभाते हैं। लेकिन स्क्रीन पर दिखने वाली त्वचा और असल जिंदगी की त्वचा में अंतर हो सकता है।
लगातार ऐसे वीडियो देखने पर कुछ लड़कियां अपनी तुलना इन्फ्लुएंसर्स से करने लगती हैं। किसी को अपनी नाक पसंद नहीं आती, तो किसी को अपनी जॉलाइन या त्वचा में कमी नजर आने लगती है। खासकर किशोरावस्था में, जब अपने रूप-रंग और दूसरों की राय को लेकर संवेदनशीलता ज्यादा हो सकती है, तब यह तुलना आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है।
डव सेल्फ-एस्टीम प्रोजेक्ट के अप्रैल 2025 में प्रकाशित एक सर्वे में 10 से 17 साल की 1,000 से अधिक लड़कियों को शामिल किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, हर दो में से एक लड़की ने कहा कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली नुकसानदायक ब्यूटी सलाह उसके आत्मविश्वास को कम करती है। वहीं, 90 फीसदी लड़कियों ने ऐसे कम से कम एक सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो करने की बात कही, जिसे देखकर उन्हें खुद के कम खूबसूरत होने का एहसास होता है।
ये आंकड़े बताते हैं कि ब्यूटी कंटेंट का असर केवल प्रोडक्ट्स की खरीदारी तक सीमित नहीं है। यह इस बात को भी प्रभावित कर सकता है कि लड़कियां खुद को किस नजर से देखती हैं।
खूबसूरत दिखने का दबाव बढ़ा सकते हैं GRWM वीडियोज
दिल्ली के सीके बिरला अस्पताल में डर्मेटोलॉजी डिपार्टमेंट में कंसल्टेंट डॉ. तन्वी गुप्ता अरोड़ा बताती हैं कि GRWM जैसे ट्रेंड किशोर लड़कियों के मन में खूबसूरती को लेकर अवास्तविक मानक पैदा कर सकते हैं। ऐसे वीडियो देखने से लड़कियों को लगने लगता है कि अगर वे खूबसूरत नहीं दिखतीं, तो उन्हें दूसरों से उतनी स्वीकार्यता या तारीफ नहीं मिलेगी। धीरे-धीरे वे अपनी काबिलियत और व्यक्तित्व के बजाय अपने लुक्स को ज्यादा अहमियत देने लगती हैं।
डॉ. तन्वी कहती हैं कि लगातार ऐसी तस्वीरें और वीडियो देखने से लड़कियां अपने चेहरे और शरीर में कमियां निकालने लग सकती हैं। वे अपनी नाक, जॉलाइन, गर्दन या त्वचा जैसी चीजों को लेकर असंतुष्ट महसूस करने लगती हैं। इससे शरीर की छवि को लेकर नकारात्मक सोच बढ़ सकती है और कुछ मामलों में बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर जैसी समस्या का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉक्टर के अनुसार, इस ट्रेंड का असर त्वचा पर भी पड़ सकता है। कम गुणवत्ता वाले या त्वचा के अनुकूल न होने वाले कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स से जलन, एलर्जी और दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार इन वीडियो में छिपे विज्ञापन भी होते हैं, जिनकी वजह से लड़कियां बिना पूरी जानकारी के प्रोडक्ट्स खरीदने लगती हैं।
ब्यूटी टिप्स के साथ बढ़ रहा है खरीदारी का ट्रेंड
GRWM वीडियोज में किसी प्रोडक्ट की तारीफ सुनना और फिर उसे खरीदने का मन करना आम बात है। खासकर जब कोई पसंदीदा क्रिएटर अपने रोजमर्रा के रूटीन में किसी सीरम या क्रीम को शामिल करता है, तो वह प्रोडक्ट ज्यादा भरोसेमंद लगने लगता है।
लेकिन हर वीडियो सिर्फ निजी अनुभव साझा करने के लिए नहीं बनाया जाता। कई बार इसमें ब्रांड प्रमोशन या पेड पार्टनरशिप भी होती है। इसलिए किसी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी सामग्री, इस्तेमाल का तरीका और अपनी त्वचा के लिए उसकी उपयुक्तता देखना जरूरी है।
GRWM ट्रेंड में सबसे जरूरी है अपनी पसंद
GRWM वीडियोज ने महिलाओं को नए लुक्स आजमाने, मेकअप सीखने और अपनी पसंद के प्रोडक्ट्स तलाशने का मौका दिया है। इसलिए इस ट्रेंड को पूरी तरह गलत कहना ठीक नहीं होगा। परेशानी तब शुरू होती है, जब अपनी पसंद से तैयार होने के बजाय दूसरों की तरह दिखने का दबाव महसूस होने लगे।
आखिरकार हर महिला का ब्यूटी रूटीन उसकी त्वचा, जरूरत और पसंद के हिसाब से अलग हो सकता है। सोशल मीडिया से नए आइडिया लेना अच्छी बात है, लेकिन हर वीडियो को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी नहीं। खूबसूरत दिखने की चाह अपनी जगह है, लेकिन किसी फिल्टर वाली तस्वीर से अपनी तुलना करते रहना इस ट्रेंड का वह पहलू है, जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।
