History of Hing: कभी भूत भगाने के आता था काम, बना भारतीय रसोई का सामान, क्या हींग भी है हिंदू या मुसलमान? जानिए भारत में हींग का इतिहास

History of Hing in Hindi: अफ़गान लोग पहाड़ पर जाते, हींग जमा करके, उन्हें बकरों की खाल में पैक करके आगरा ले आते। आगरा हींग की मंडी में हींग तो बिक जाती लेकिन बकरे की खाल का वह चमड़ा बच जाता था। इस चमड़े को खपाने के लिए धीरे-धीरे जूतों का कारोबार शुरू हुआ। देखते ही देखते ये चमड़े के जूते आगरा की पहचान बन गए।

History of Hing in Hindi: हींग लगे न फिटकरी, रंग चोखा ही आवे- यह मुहावरा मसालों में हींग के महत्व को बताने के लिए काफी है। इसका मतलब होता है बिना कुछ खर्च किए काम बन जाना। सालों से हींग भारतीय रसोई का अभिन्न अंग है। हर घर में आपको हींग मिल जाएगी। ज्यादातर घरों में चाहे कोई सा भी व्यंजन बनाना हो उसमें एक चुटकी हींग तो जरूर डाली जाती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ भारत ही ऐसा देश है जहां हींग को खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हींग कहने को तो भारतीय मसाला है लेकिन इसकी जड़ें विदेशी हैं। कुछ इतिहासकार कहते हैं कि सिकंदर के जरिए हींग भारत आई थी। आइए जानते हैं हींग से जुड़ी कुछ खास अनसुनी बातें।

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Explained History of Hing (Asafoetida)

कैसे पड़ा हींग का नाम

हींग अपने स्वाद के साथ ही अपनी महक के लिए भी जाना जाता है। इसकी महक बहुत तेज होती है। इसकी महक के कारण ही अंग्रेजी में इसका नाम ऐसाफेटिडा (Asafoetida) रखा गया था। Asa पारसी भाषा का शब्द है। इसका मतलब होता है गोंद। वहीं Foetida लैटिन भाषा का शब्द है जिसका मतलब तेज गंध वाला होता है। हींग की महक इतनी तेज होती है कि अगर हींग हाथ में लग जाए तो चाहे जितना धुल लें, यह लंबे समय तक बना रहता है।

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