भारत में 5-5 साल के बच्चों को लगी फोन-सोशल मीडिया की बुरी लत, युवाओं में तेजी से बढ़ रही ये खतरनाक आदत, रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

हाल ही में भारतीय केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट जारी की गई है। जिसमें भारत के युवा वर्ग और छोटे बच्चों में लगातार बढ़ती डिजिटल लत को लेकर चिंता जताई गई है। यहां पढ़ें डिजिटल लत क्या होती है, इसे दूर करने के उपाय क्या हैं।

तेज रफ्तार से डिजिटलाइजेशन की ओर भागती दुनिया में, जहां छोटे बच्चों की पढ़ाई फोन की स्क्रीन पर हो रही है। तो युवा वर्ग अपना ज्यादा से ज्यादा समय सोशल मीडिया या गेमिंग प्लेटफॉर्म पर गुजार रहा है। ऐसे दौर की सबसे बड़ी समस्या ही डिजिटल लाइफ से होने वाले रिस्क और डिजिटल लत है। जिसका जिक्र हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट में भी है। केंद्र सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत के युवाओं और बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत (Digital Addiction) को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट में इस स्थिति को एक बढ़ता सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम घोषित किया गया है। जो न केवल मानसिक स्वास्थ्य, बल्कि बच्चों के अकादमिक प्रदर्शन और देश के भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।

भारत में बढ़ता डिजिटल लत का खतरा

क्या होती है डिजिटल लत

डिजिटल लत वह स्थिति है, जब व्यक्ति मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, इंटरनेट, ऑनलाइन गेम्स या डिजिटल डिवाइस के अत्यधिक उपयोग पर नियंत्रण नहीं रख पाता। इसके कारण पढ़ाई, काम, रिश्ते, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। इस स्थिति में व्यक्ति बार-बार स्क्रीन देखने की मजबूरी महसूस करता है और दूर रहने पर बेचैनी होने लगती है। इस तरह की समस्या आज के दौर में बच्चों और युवाओं में बहुत देखने को मिल रही है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चे भी रोजाना लगभग 2.2 घंटे स्क्रीन के सामने बिताते हैं, जो विशेषज्ञों द्वारा सेट की गई सुरक्षित सीमा से दोगुना है।

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