Friendship Betrayal Shayari in Hindi (दोस्ती में फरेब शायरी): दोस्ती एक ऐसा एहसास है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह दुनिया का इकलौता रिश्ता है जो इंसान खुद अपने लिए चुनता है। दोस्त वो होते हैं जिनपर आंखें बंद करके विश्वास किया जाता है। हर मुसीबत में सबसे पहले यही दोस्त साथ देने के लिए खड़े होते हैं। हर खुशी में भी पहले भागीदार ये दोस्त ही होते हैं। लेकिन जरा सोचिए कि अगर इसी दोस्ती के रिश्ते में अगर किसी को धोखा मिल जाए तो क्या हो। इंसान अंदर से टूट जाता है। वह लोगों पर विश्वास करना छोड़ देता है। इसी दोस्ती में मिले धोखे को बहुत से शायरों ने शायरी में बयां किया है। आइए पढ़ते हैं दोस्ती में फरेब पर चंद मशहूर शेर:
दोस्ती में धोखे पर शायरी (Photo: Kai Po Che Movie)
- दुश्मनों से प्यार होता जाएगा
- ख़ुमार बाराबंकवी
2. दुश्मनों ने जो दुश्मनी की है
दोस्तों ने भी क्या कमी की है
- हबीब जालिब
3. मैं हैरां हूं कि क्यूं उस से हुई थी दोस्ती अपनी
मुझे कैसे गवारा हो गई थी दुश्मनी अपनी
- एहसान दानिश
4. दुश्मनी ने सुना न होवेगा
जो हमें दोस्ती ने दिखलाया
- ख़्वाजा मीर दर्द
5. दोस्ती जब किसी से की जाए
दुश्मनों की भी राय ली जाए
- राहत इंदौरी
6. अक़्ल कहती है दोबारा आज़माना जहल है
दिल ये कहता है फ़रेब-ए-दोस्त खाते जाइए
- माहिर-उल क़ादरी
7. हटाए थे जो राह से दोस्तों की
वो पत्थर मिरे घर में आने लगे हैं
- ख़ुमार बाराबंकवी
8. हम को यारों ने याद भी न रखा
'जौन' यारों के यार थे हम तो
- जौन एलिया
9. लोग डरते हैं दुश्मनी से तिरी
हम तिरी दोस्ती से डरते हैं
- हबीब जालिब
10. पत्थर तो हज़ारों ने मारे थे मुझे लेकिन
जो दिल पे लगा आ कर इक दोस्त ने मारा है
- सुहैल अज़ीमाबादी
अगर आपने भी कभी दोस्ती में धोखा खाया है तो उम्मीद करते हैं कि ये शेर आपको जरूर पसंद आएंगे। आप चाहे तो अपने उस दगाबाज दोस्त को ये शेर भेज भी सकते हैं।
