Cornflour kya hota hai (What is Cornflour): रसोई में कुछ चीजें ऐसी होती हैं, जो दिखने में बेहद साधारण लगती हैं, लेकिन उनका सही इस्तेमाल किसी भी डिश का पूरा स्वाद बदल सकता है। कॉर्नफ्लोर (cornflour) भी उन्हीं में से एक है। यह सफेद और बारीक पाउडर कई रेसिपी में ऐसा टेक्सचर देता है, जिससे खाना बिल्कुल होटल या रेस्टोरेंट जैसा लगने लगता है। चाहे सूप को सही गाढ़ापन देना हो, मंचूरियन की ग्रेवी तैयार करनी हो या फिर फ्राइड स्नैक्स को ज्यादा कुरकुरा बनाना हो, कॉर्नफ्लोर हर जगह काम आता है। यही वजह है कि आजकल यह लगभग हर किचन का जरूरी हिस्सा बन चुका है।
क्यों हर किचन में जरूरी बन चुका है कॉर्नफ्लोर
कॉर्नफ्लोर होता क्या है
कॉर्नफ्लोर मकई यानी कॉर्न से तैयार किया गया एक स्टार्च पाउडर होता है। इसे मकई के दानों के अंदर मौजूद स्टार्च को अलग करके बनाया जाता है। देखने में यह मैदे जैसा लगता है, लेकिन दोनों का काम और गुण अलग होते हैं। इसकी खास बात यह है कि इसका अपना कोई तेज स्वाद नहीं होता, इसलिए यह आसानी से किसी भी डिश में मिल जाता है और खाने का असली स्वाद बनाए रखता है।
जब इसे पानी में घोला जाता है, तो यह मिश्रण को गाढ़ा करने का काम करता है। इसी वजह से इसे सूप, ग्रेवी और कई डेजर्ट में इस्तेमाल किया जाता है।
कॉर्नफ्लोर का किन-किन चीजों में होता है इस्तेमाल
अगर आपने कभी होटल जैसा गाढ़ा सूप या क्रिस्पी मंचूरियन खाया है, तो उसमें कॉर्नफ्लोर का रोल जरूर रहा होगा। इसका इस्तेमाल कई तरह की डिश में किया जाता है।
- सूप और ग्रेवी को गाढ़ा करने में
- मंचूरियन, चिली पोटैटो और नूडल्स जैसी चाइनीज डिश में
- पकौड़े या फ्राइड स्नैक्स को ज्यादा क्रिस्पी बनाने में
- केक, कुकीज़ और बेकिंग आइटम्स को सॉफ्ट टेक्सचर देने में
- कस्टर्ड, पुडिंग और दूसरे डेजर्ट तैयार करने में
कॉर्नफ्लोर की खासियत यही है कि यह खाने का टेक्सचर बेहतर बनाता है और डिश को ज्यादा आकर्षक दिखाता है।
कॉर्नफ्लोर के फायदे क्या हैं
कॉर्नफ्लोर सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई मामलों में उपयोगी भी माना जाता है। यह खाने को हल्का और मुलायम बनाने में मदद करता है। जिन लोगों को ग्लूटेन से दिक्कत होती है, उनके लिए भी यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें ग्लूटेन नहीं होता।
इसके अलावा यह जल्दी पच जाता है और ग्रेवी या सूप को बिना स्वाद बदले सही कंसिस्टेंसी देता है। फ्राइड चीजों में इसका इस्तेमाल करने से बाहर की लेयर ज्यादा कुरकुरी बनती है, जिससे स्नैक्स खाने में और भी मजेदार लगते हैं।
इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान
कॉर्नफ्लोर जितना उपयोगी है, उतना ही जरूरी है इसका सही मात्रा में इस्तेमाल करना। अगर इसे ज्यादा डाल दिया जाए, तो डिश जरूरत से ज्यादा गाढ़ी और चिपचिपी हो सकती है। कई बार खाने का नेचुरल स्वाद भी दब जाता है।
इसीलिए बेहतर यही माना जाता है कि कॉर्नफ्लोर को हमेशा थोड़ा-थोड़ा करके मिलाया जाए। इसे सीधे गर्म ग्रेवी में डालने की बजाय पहले ठंडे पानी में घोल लेना चाहिए, ताकि इसमें गुठलियां न बनें और टेक्सचर स्मूद बना रहे।
क्यों हर किचन में जरूरी बन चुका है कॉर्नफ्लोर
आज की मॉडर्न कुकिंग में कॉर्नफ्लोर एक ऐसा इंग्रीडिएंट बन चुका है, जो छोटी-सी मात्रा में भी बड़े बदलाव ला देता है। यह खाने को सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बनाता, बल्कि उसे देखने में भी ज्यादा आकर्षक बना देता है। यही वजह है कि चाहे घर की किचन हो या प्रोफेशनल शेफ की, कॉर्नफ्लोर लगभग हर जगह इस्तेमाल किया जाता है।
