किसी प्रोटेस्ट में जाना चाहे बच्चा तो क्या करें पेरेंट्स, एक्सपर्ट्स से जानें कैसे करें गाइड

ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक सर केन रॉबिन्सन कहा करते थे कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों के दिमाग को भरना नहीं, उन्हें सोचने के काबिल बनाना है। यही बात घर पर होने वाली परवरिश पर भी लागू होती है।

दिल्ली में चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी का प्रोटेस्ट लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। बड़ी तादाद में युवा इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं। आंदोलन में कई तो ऐसे हैं जो अभी बालिग भी नहीं हुए हैं। मीडिया और सोशल मीडिया में इस आंदोलन से जुड़े जो वीडियोज आए हैं उनमें इस तरह की बातें भी सामने आई हैं कि बहुत से बच्चे और वयस्क अपने माता-पिता से बिना पूछे या फिर उनसे छिपाकर प्रोटेस्ट में शामिल हुए हैं। कुछ का कहना है कि उनके परिवार वाले यहां आने की इजाजत कभी नहीं देते, इसलिए बिना बताए आ गए हैं।

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प्रोटेस्ट में जाने को कहें बच्चे तो क्या करें पेरेंट्स (Photo: Instagram)

अब यहां सवाल उठता है कि बच्चों और पेरेंट्स में ये कम्युनिकेशन गैप कहां से आया। आखिर क्यों बच्चों को लगता है कि अगर वो अपने पापा-मम्मी से किसी प्रोटेस्ट में जाने को कहेंगे तो वो मना कर देंगे। ऐसे में ये हर माता-पिता को ये जानना जरूरी है कि अगर उनका बच्चा, भले ही वो वयस्क हो या किशोर, किसी आंदोलन का हिस्सा बनना चाहता है तो वो उसे कैसे गाइड करें।

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