क्या सिर्फ दशरथ के कहने पर वनवास गए थे राम या था कोई और कारण? यहां मिलेंगे ऐसे ही कई सवालों के जवाब

Ramayan Ka Anavaran: 'रामायण का अनावरण' में भगवान राम के अनछुए और अनसुने पहलुओं को पर रोशनी डाली गई है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरित्र के विभिन्न आयामों को सामने लाने की कोशिश की गई है।

Ramayan Ka Anavaran Book Review: रामायण महाकाव्य में कुछ तो ऐसी बात है कि इसने सैकड़ों कथाकारों की कल्पना को प्रेरित किया। इस पवित्र महाकाव्य से प्रेरित होकर कई बेहतरीन किताबें लिखी गईं। कंबन, भवभूति और जैन कवियों से लेकर गोस्वामी तुलसीदास तक, हर किसी ने भगवान राम के किरदार को अपने तरीके से वर्णित किया। रामायण पर जो ताजा किताब आई है वो है रामायण का अनावरण। इस किताब की लेखक हैं अमी गनात्रा। अमी गनात्रा ने इस किताब को Ramayana Unravelled नाम से अंग्रेजी में प्रकाशित किया था। इसका हिंदी अनुवाद हाल ही में पब्लिश किया गया है। रामायण का अनावरण को पब्लिश किया है Bloomsbury India ने।

Ramayan Ka Anavaran

रामनवमी के खास मौके पर पढ़ सकते हैं 'रामायण का अनावरण'।

'रामायण का अनावरण' में भगवान राम के अनछुए और अनसुने पहलुओं को पर रोशनी डाली गई है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरित्र के विभिन्न आयामों को सामने लाने की कोशिश की गई है। राम एक क्षत्रिय योद्धा तो थे ही, इसके अलावा वह राजनीति के प्रखर जानकार भी थे। जब उनके भाई लक्ष्मण ने उनके साथ वनवास पर जाने की जिद की तो पहले राम ने ये परखा कि क्या लक्ष्मण भावनाओं में बहकर उनके साथ वनवास पर जाना चाहते हैं या उनमें सही में 14 सालों तक वनवास में रहने के संकल्प शक्ति है। आकलन के बाद ही उन्होंने लक्ष्मण को अपने साथ चलने की अनुमति दी। इसके अलावा वनवास के उपरांत जब अयोध्या लौटने की बारी आई तो उन्होंने हनुमान को अयोध्या भेजा और यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या भरत सही में चाहते हैं कि वह अयोध्या वापस जाएं। किताब में दिये यह दृष्टांत दिखाते हैं कि वह राम राजनीतिक रूप से भी कितने सचेत थे।

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