Traditional Punjabi Dishes Recipes For Baisakhi 2025: आज बैसाखी है। सिख धर्म के लोगों के लिए बैसाखी का त्योहार बेहद खास होता है। इस खास मौके पर लोग भांगड़ा करते हैं और खुशियां बांटते हैं। बैसाखी का त्योहार खाने-पीने के लिए भी जाना जाता है। इस त्योहार के दिन घर पर मेहमान आते हैं और लोग उनके लिए तरह-तरह के पकवान तैयार करते हैं। आमतौर पर बैसाखी के लिए पारंपरिक पंजाबी पकवान ही बनाया जाता है। यहां हम वो 5 पंजाबी डिशेज लेकर आए हैं, जिन्हें आप बैसाखी के दिन ट्राई कर सकते हैं।
Recipes For Baisakhi 2025-
1.सरसों का साग
सरसों का साग पंजाब की शान है और बैसाखी पर इसका स्वाद दोगुना हो जाता है। इसे बनाने के लिए सरसों, बथुआ और पालक के पत्तों को अच्छे से धोकर काटा जाता है और कुकर में उबाल लिया जाता है। ठंडा होने पर इस मिश्रण को मिक्सी में दरदरा पीसा जाता है। फिर कढ़ाई में देसी घी गर्म करके अदरक, लहसुन और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है, और इसमें साग डालकर मक्के के आटे के साथ पकाया जाता है। इसे धीमी आंच पर 20-25 मिनट पकाया जाता है ताकि इसका असली स्वाद उभर कर आए।
2.मक्के की रोटी
सरसों के साग के साथ मक्के की रोटी का कॉम्बिनेशन बेस्ट है। मक्के का आटा थोड़ा सख्त गूंथा जाता है और गोल लोइयां बनाकर हाथ से थपथपा कर या प्लास्टिक शीट पर बेलकर तवे पर सेंकी जाती है। इसे घी लगाकर दोनों तरफ से अच्छे से पकाया जाता है जब तक वह सुनहरी और कुरकुरी न हो जाए। गर्मागर्म मक्के की रोटी, ऊपर से मक्खन के साथ परोसी जाए तो स्वाद दुगुना हो जाता है।
3.पिंडी छोले
पिंडी छोले मसालेदार, बिना टमाटर वाले खास पंजाबी छोले होते हैं। काबुली चने को रातभर भिगोकर उबाल लिया जाता है और उसमें सूखे मसाले जैसे भुना जीरा, धनिया, कसूरी मेथी, अमचूर, अनारदाना पाउडर, चायपत्ती वाला पानी और थोड़े से घी में तला हुआ अदरक-लहसुन डाला जाता है। इस डिश की खास बात ये है कि यह बिना प्याज-टमाटर के बनती है और फिर भी बेहद स्वादिष्ट होती है। यह पूरी, कुल्चा या चावल के साथ परोसी जाती है।
4.आटे का हलवा (कड़ा प्रसाद स्टाइल)
बैसाखी के मौके पर गुरुद्वारे वाले स्टाइल में बना आटे का हलवा ज़रूर बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए समान मात्रा में गेहूं का आटा, देसी घी और गुड़/चीनी ली जाती है। घी में आटे को सुनहरा भूरा होने तक भुना जाता है और फिर धीरे-धीरे गर्म पानी में घुला हुआ गुड़ मिलाया जाता है। लगातार चलाते हुए जब तक हलवा घी छोड़ने लगे, तब तक पकाया जाता है। इसका स्वाद जितना पारंपरिक होता है, उतना ही भक्तिभाव से जुड़ा भी।
5.मीठी लस्सी
बैसाखी के दिन गर्मी को हराने के लिए मीठी लस्सी जरूरी होती है। दही को अच्छे से मथकर उसमें ठंडा पानी मिलाया जाता है और फिर स्वादानुसार शक्कर, इलायची पाउडर और केसर डाली जाती है। इसे मटके में या मिट्टी के कुल्हड़ में परोसना इसकी ताजगी को और बढ़ा देता है। ऊपर से थोड़े कटे हुए बादाम और पिस्ता डाल दिए जाएं तो स्वाद और शान दोनों में इजाफा हो जाता है।
