Arvind Kejriwal Love Story: दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार (Arvind Kejriwal Arrested) कर लिया है। केजरीवाल की गिरफ्तारी गुरुवार 21 जनवरी की रात 9 बजे के करीब हुई। दिल्ली सीएम की गिरफ्तारी दिल्ली शराब नीति (Delhi Liquor Policy) (Hemant Soren) केस में हुई है। पिछले दो महीनों में केजरीवाल ऐसे दूसरे सीएम हैं जिन्हें ईडी ने अरेस्ट किया है। इससे पहले 31 मार्च को झारखंड के एक्स सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया गया था।
अरविंद केजरीवाल और सुनीता की फाइल फोटो (सोर्स- पीटीआई)
अरविंद केजरीवाल ने अपने अब तक के जीवन में वो सब कुछ देख लिया है जो किसी मसालेदार बॉलीवुड फिल्मों में होता है। उनकी लाइफ में एक्शन है, ड्रामा है, दोस्ती है, दुश्मनी है, सस्पेंस है, साजिश है और प्यार भी है। हम बात करेंगे अरविंद केजरीवाल के लव लाइफ की। अरविंद जितने कुशल राजनीतिज्ञ हैं उतने ही अच्छे पति, पिता और पुत्र भी हैं।
अरविंद केजरीवाल का IIT से UPSC तक का सफर
अरविंद केजरीवाल का जन्म मूल रूप से हरियाणा के सिवानी में हुआ। हरियाणा से ही स्कूलिंग करने के बाद उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। कुछ साल बतौर इंजीनियर नौकरी करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। यूपीएससी पास करने के साथ ही शुरू हुई उनकी प्रेम कहानी। दरअसल परीक्षा पास करने के बाद अरविंद केजरीवाल ट्रेनिंग के लिए नागपुर गए। वहीं पर उनकी मुलाकात हुई सुनीता से। सुनीता भी यूपीएससी क्लियर कर ट्रेनिंग लेने पहुंची थीं।
नागपुर में सुनीता से हुई मुलाकात
नागपुर में अरविंद और सुनीता अच्छे दोस्त बन गए। अरविंद केजरीवाल के मन में सुनीता के लिए दोस्ती से इतर कुछ और फीलिंग्स थीं। अरविंद सुनीता से प्यार करने लगे थे। प्यार तो करते थे लेकिन दुनिया के तमाम आशिकों की तरह अपने प्यार का इजहार करने में उनके भी पसीने छूट गए थे। वो रोज सोचते कि आज तो सुनीता को प्रपोज कर ही देंगे, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। वैसे सुनीता भी केजरीवाल को पसंद करती थीं लेकिन वो भी अपना हाल-ए-दिल बयां नहीं कर पा रही थीं।
आखिरकार वो दिन आ ही गया जब अरविंद केजरीवाल ने हिम्मत बांधकर सुनीता को प्रपोज करने का मन बना लिया। उस दिन ट्रेनिंग के बाद हमेशा की तरह वह सुनीता से कैंपस के ही गार्डन में मिले और बेधड़क अपने दिल की बात कह दी। अरविंद केजरीवाल से शादी का प्रस्ताव सुनते ही सुनीता ने भी हां कर दिया। सुनीता की हां से केजरीवाल थोड़ा चौंके भी।
सुनीता ने इसलिए शादी के लिए भरी हामी
सुनीता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी ख्वाहिश थी कि उन्हें ऐसा जीवनसाथी मिले जो ईमानदार और देशभक्त हो। जो देश की सेवा में विश्वास रखता हो। ट्रेनिंग के दौरान सुनीता अरविंद केजरीवाल को काफी हद तक जान गई थीं। उन्हें भी लगा कि जिस तरह के साथी की उन्हें तलाश थी वो अरविंद ही हैं। एक दूसरे से हाल-ए-दिल बयां करने के बाद सुनीता और अरविंद दोनों ने अपने घरवालों के सामने अपनी शादी का प्रस्ताव रखा। घरवालों दोनों की शादी लकी बात सुन खुश हुए। एक ही जातीय पृष्ठभूमि का होने के कारण दोनों के परिवार वाले भी शादी को तैयार हो गए।
अरविंद केजरीवाल का परिवार
नवंबर 1994 में अरविंद और सुनीता ने शादी कर ली। साल 1995 में दोनों दिल्ली शिफ्ट हो गए। अरविंद और सुनीता के दो बच्चे हैं। बेटी हर्षिता का जन्म हुआ 1996 में बेटे पुलकित का साल 2001 में। अपने पापा-मम्मी की तरह हर्षित और पुलकित भी पढ़ने में काफी तेज हैं। सुनीता ने नौकरी के साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी बखूबी संभाली है।
हमेशा पति के फैसले का किया सपोर्ट
अरविंद केजरीवाल ने चाहे जो रास्ता चुना, सुनीता हमेशा उनके साथ रहीं। सुनीता ने अरविंद के हर फैसले का सम्मान किया और भरपूर साथ दिया। फिर चाहे वो नौकरी छोड़ समाज सेवा में आने का फैसला हो या फिर राजनीति करने का। पहली बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद अरविंद केजरीवाल हमेशा साथ निभाने के लिए सुनीता को गले लगाकर थैंक्यू कहा था। तब सुनीता का शुक्रिया अदा करते हुए केजरीवाल ने कहा था कि वह कभी सामने नहीं आईं, लेकिन वह हमेशा साथ थीं। यदि वह साथ नहीं होती तो मेरे लिए कुछ भी हासिल करना संभव नहीं होता।
आज भी सुनीता चट्टान की तरह पति अरविंद के साथ खड़ी हैं। राजनीति में आने के बाद अरविंद केजरीवाल के जीवन में मुसीबतें भी आईं। लेकिन हर मुसीबत को यह कपल अपने ही तरीके से सामना करता जा रहा है। दोनों एक दूसरे के पूरक बन चुके हैं।
