क्यों सोशल मीडिया छोड़ रहे यहां के टीनेजर्स, 44 प्रतिशत नाबालिगों ने सोशल मीडिया को बोल दिया 'नो'

2023 में अमेरिकी सर्जन जनरल ने एक चेतावनी जारी की थी जिसमें कहा था कि सोशल मीडिया का बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। स्कूल और पेरेंट्स के साथ ही किशोरों ने भी ये महसूस किया कि वाकई में सोशल मीडिया का अत्याधिक उपयोग उनके अवसाद का कारण बन रहा है।

अमेरिका से एक बेहद अच्छी खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल हाल ही में एक रिपोर्ट आई है जिसमें बताया गया है कि अमेरिका में 44 प्रतिशत नाालिगों ने अपने सोशल मीडिया और स्मार्टफोन उपयोग में कमी की है। यह खबर डिजिटल युग में टीएजर्स के मेंटल हेल्थ और लाइफस्चाइल पर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, किशोरों में सोशल मीडिया उपयोग कम करने की प्रवृत्ति खासकर लड़कियों में अधिक देखी गई है, जहां 50 प्रतिशत ने स्क्रीन टाइम कम करने की कोशिश की, जबकि लड़कों में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत है। किशोरों में सोशल मीडिया के उपयोग के लेकर सतर्कता के पीछे कई कारण हैं।

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हमेशा ऐसी बातें सामने आती रही हैं कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग किशोरों में तनाव, चिंता और नींद की समस्याओं की जड़ बन रहा है। साल 2023 में अमेरिकी सर्जन जनरल ने एक चेतावनी जारी की थी जिसमें कहा था कि सोशल मीडिया का बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। स्कूल और पेरेंट्स के साथ ही किशोरों ने भी ये महसूस किया कि वाकई में सोशल मीडिया का अत्याधिक उपयोग उनके अवसाद का कारण बन रहा है। उन्होंने स्वजागरुकता का परिचय देते हुए खुद को सोशल मीडिया और स्मार्टफोन से दूर करने का काम किया है।

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