Akhbar Shayari: रात के लम्हात खूनी दास्तां लिखते रहे, सुबह के अखबार में हालात बेहतर हो गए.., पढ़ें अखबार पर शायरी

Akhbar Shayari in Hindi: अकबर इलाहाबादी का मशहूर शेर है- खींचो न कमानों को न तलवार निकालो, जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो। यह शेर अपने आप में अखबार की अहमियत समझाने के लिए काफी है। हालांकि बहुत से मशहूर शायरों ने अखबार पर अपने-अपने तरीके से शेर गढ़े हैं। आइए पढ़ें अखबार पर शायरी हिंदी में:

Akhbar Shayari in Hindi: अखबार हम इंसानों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। आज भी बड़ी संख्या में लोगों की सुबह चाय और अखबार के साथ ही होती है। ये अखबार रोज सुबह हमें समाज का आईना दिखाते हैं। यह हमें पूरी दुनिया से जोड़ते हैं। अखबार मात्र सूचना प्रसार का माध्यम ही नहीं बल्कि हमारी सोच और विचार को विकसित करने का जरिया भी है। आज भले ही डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन न्यूज पोर्टल्स तेजी से बढ़ रहे हों, लेकिन अखबार के पन्नों पर छपे हुए शब्दों की की विश्वसनीयता और उसकी खुशबू अब भी लोगों को आकर्षित करती है। इसी अखबार पर देश दुनिया के कई मशहूर शायरों ने खूबसूरत शेर लिखे हैं। आइए पढ़ें अखबार पर शायरी:

Akhbar Shayari

अखबार पर शायरी (Photo: AI Image)

1. खींचो न कमानों को न तलवार निकालो

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