Aishwarya Rai Parenting: अपने करियर के साथ साथ बॉलीवुड की एवरग्रीन ब्यूटी ऐश्वर्या ने बिटिया आराध्या को बहुत ही अच्छे से पाला है। बॉलीवुड की दुनिया चमक-धमक और व्यस्तता भरी है, लेकिन ऐश्वर्या राय बच्चन ने हमेशा से ही अपनी बेटी आराध्या की देसी और ग्राउंडेड तरीके से परवरिश की है। एक माँ के रूप में वह अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन उनकी पेरेंटिंग शैली अपनी सादगी, संयम और स्पष्टता के लिए जानी जाती है। अगर आप भी अपने बच्चों को अच्छे संस्कारों के साथ पालना चाहती हैं, तो हर मम्मी को ऐश्वर्या की पेरेंटिंग स्टाइल से 3 खास टिप्स लेनी ही चाहिए।
दोस्त बनकर रहें
ऐश्वर्या हमेशा ही आराध्या के लिए मां के साथ साथ एक दोस्त बनकर रही हैं। वे बिटिया को कई वर्क इवेंट्स पर लेकर जाती हैं, और उनके साथ काफी कूल और फन अंदाज में रहती हैं। वे आराध्या के साथ उनकी उम्र के हिसाब से व्यवहार करती हैं। बिटिया की पसंद नापसंद का ख्याल रखना, उनके विचारों को सुनना, समझना काफी महत्वपूर्ण है। इस खुलेपन का ही नतीजा है कि माँ-बेटी के बीच गहरी समझ और विश्वास का रिश्ता कायम हुआ है। ऐश्वर्या का मानना है कि डर के बजाय प्यार और सम्मान पर टिका रिश्ता ही बच्चे को हर बात शेयर करने के लिए प्रेरित करता है।
बड़ों का सम्मान
आराध्या को आपने भी कई वायरल वीडियोज में बड़े-बुजुर्गों के पैर छूते तो प्रणाम आदि करते देखा ही होगा। ऐश्वर्या ने बिटिया को बखूबी बड़ों का सम्मान करना सिखाया है। उन्होने बेशक आराध्या को विनम्र, दयालु और जमीन से जुड़ा रहना सिखाया है। जो उनकी सादगी और संस्कार दिखाता है।
स्पेस दें
अनुशासन में रहना सिखाने के साथ साथ ऐश्वर्या ने आराध्या को उनका अपना पर्सनल स्पेस भी खूब दिया है। ऐश्वर्या ने बेटी को उनकी सोच समझ के अनुसार कार्य करने के लिए समर्थन दिया है। इस तरह से बच्चे क्रिएटिव बनते हैं।
ऐश्वर्या बच्चन की पेरेंटिंग इस बात की मिसाल है कि सफलता और व्यस्तता के बीच भी बच्चे को संतुलित, जिम्मेदार और अच्छा इंसान बनाया जा सकता है। अनुशासन, दोस्ताना रिश्ता और मूल्यों पर जोर - ये तीन बिंदू न सिर्फ आराध्या के व्यक्तित्व में झलकते हैं, बल्कि हर नए माता-पिता के लिए एक सीख भी हैं।
