Ada Jafri Shayari, Poetry in Hindi: अदा जाफरी फनकारी की दुनिया का मशहूर नाम रही थीं। अपनी नज्मों से उन्होंने ना जाने कितने ही दिलों को गुलज़ार किया। उनके एक एक शेर पर तालियों से पूरा मुशायरा गूंज उठता था। अदा ने जीवन के लगभग हर रंग को अपनी कलम से संवारा। उनके शायरियों में कुछ तो बात थी जो सीधे सुनने वाले के दिल को छूती थी। आइए पढ़ते हैं अदा जाफरी की कलम से निकले चंद खूबसूरत शेर:
Ada Jafri Poetry, Ada Jafri Shayari in Hindi, Urdu
न बहलावा, न समझौता, जुदाई सी जुदाई है
'अदा' सोचो तो खुशबू का सफ़र आसां नहीं होता
होंठों पे कभी उनके मेरा नाम ही आए
आए तो सही ब-सर-ए-इलज़ाम ही आए
जो आंखों ओट है चेहरा, उसी को देख कर जीना
ये सोचा था की आसां है मगर आसां नहीं होता
हमारे शहर के लोगों का अब अहवाल इतना है
कभी अख़बार पढ़ लेना कभी अख़बार हो जाना
इस क़दर तेज़ हवा के झोंके
शाख़ पर फूल खिला था शायद
आंसू जो रुका वो किश्त-ए-जां में
बारिश की मिसाल आ गया है
मिरा सुकूं भी मिरे आंसुओं के बस में था
ये मेहमां मिरी दुनिया निखारने आते
कुछ यादगार अपनी मगर छोड़ कर गईं
जाती रुतों का हाल दिलों की लगन सा है
सौ सौ तरह लिखा तो सही हर्फ़-ए-आरज़ू
इक हर्फ़-ए-आरज़ू ही मिरी इंतिहा है क्या
आलम ही और था जो शनासाइयों में था
जो दीप था निगाह की परछाइयों में था
तुम पास नहीं हो तो अजब हाल है दिल का
यूं जैसे मैं कुछ रख के कहीं भूल गई हूं
इस क़दर तेज़ हवा के झोंके
शाख़ पर फूल खिला था शायद
दिल के गुंजान रास्तों पे कहीं
तेरी आवाज़ और तू है अभी
बता दें कि अदा जाफरी का जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हुआ था। 1947 में बंटवारे के बाद परिवार समेत वह पाकिस्तान चली गईं। मार्च 2015 में अदा जाफरी ने पाकिस्तान के कराची शहर में अंतिम सांस ली। भले आज वह इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अफनी नज्मों के जरिए वह हमेशा याद की जाती रहेंगी।
