Batagaika Crater: दुनिया में कई ऐसी जगहें हैं, जो अक्सर कौतुहल का विषय रहती हैं, लेकिन इस एक जगह के बारे में आप लोगों को नहीं पता होगा और कुछ लोगों ने इसके बारे में सुना होगा तो ज्यादा जानकारी नहीं होगी। तो चलिए हम आपको आप दुनिया में मौजूद एक ऐसी जगह के बारे में विस्तार से समझाते हैं जिसे 'पाताल का रास्ता' भी कहा जाता है।
'पाताल का रास्ता' (बटागाइ क्रेटर)
कहां है पाताल का रास्ता?
रूस के सुदूर पूर्व में दुनिया का सबसे बड़ा पर्माफ्रॉस्ट क्रेटर है। जिसे बटागाइ क्रेटर (Batagay Crater) कहते हैं। रूसी लोग आम बोलचाल की भाषा में इसे 'पाताल का रास्ता' भी कहते हैं। विज्ञानियों ने एक ड्रोन फुटेज से मिले वीडियो के आधार पर बटागाइ क्रेटर को लेकर एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया था। दरअसल, यह क्रेटर लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
पर्माफ्रॉस्ट क्रेटर (सांकेतिक तस्वीर)
क्यों बढ़ रहा क्रेटर?
ऐसा माना जा रहा है कि रूस में स्थित पर्माफ्रॉस्ट पृथ्वी के गर्म होने की वजह से पिघल रहा है और यह विज्ञानियों के लिए चिंता की बात है। दरअसल, लंबे समय से जमी हुई जमीन को पर्माफ्रॉस्ट कहते हैं। आसान भाषा में कहें तो ऐसी जमीन जो लगातार कम से कम दो साल तक जीरो डिग्री सेल्सियस पर जमी रहती है। वह पर्माफ्रॉस्ट कहलाती है। पर्माफ्रॉस्ट अमूमन मिट्टी, चट्टानों और रेत के एक जगह पर मिलने की वजह से बनते हैं। हालांकि, यह पर्माफ्रॉस्ट धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, क्योंकि नीचे जमी बर्फ पिछलने की वजह से गड्ढा बड़ा हो रहा है।
1960 के दशक में पहली बार रूस के सुदूर क्षेत्र में यह गड्ढा देखा गया था। दरअसल, यह वो दौर था जब यहां आस-पास के जंगलों की कटाई हो रही थी जिसकी वजह से यह पिघलने लगा था और जमीन घंसने लगी थी। जमीन घंसने की वजह से अंदर मौजूद ग्रीनहाउस गैस बाहर निकलने लगी और यहां पर एक बड़ा गड्ढा बन गया, जो 100 मीटर तक गहरा है।
