Monsoon Update: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पहली बारिश के साथ कागजी दावों की पोल-पट्टी खुल गई। जगह-जगह पर जलजमाव की वजह से गाड़ियां रेंगती हुईं नजर आईं तो कुछ इलाकों की स्थिति ऐसी रही कि वहां पर वोट चलाई जा सकती है। हालांकि, इन तमाम समस्याओं के साथ ही सड़क धंसने की तस्वीरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
सड़क धंसाव
दिल्ली के तीमारपुर, रोहिणी सहित कई इलाकों में सड़क धंसने की वजह से गड्ढा हो गया और इन गड्ढों ने वाहनों को लील लिया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बारिश होते ही सड़क पर अचानक से यह गड्ढे कहां से आ जाते हैं, जबकि पहले स्थिति सामान्य रहती है।
बारिश में सड़कों पर क्यों हो जाते हैं गड्ढे?
भीषण गर्मी की मार झेल रही दिल्ली ने बारिश का रिकॉर्ड 88 साल का तोड़ दिया। सबसे ज्यादा हैरानी वाली बात तो यह है कि इस बार अबतक हुई बारिश ने मार्च से लेकर जून तक का सारा कोटा पूरा कर दिया। ऐसे में कई घटनाओं को भी दर्ज किया गया, जिसमें वाहनों को सड़कों में समा जाना शामिल है। ऐसा माना जाता है कि तेज बारिश की वजह से सड़क के किनारों और नीचे की मिट्टी का कटाव होता है जिसकी वजह से सड़क का बेस ही कमजोर हो जाता है और वह धंसने लगती है।
सड़क धंसाव
गड्ढे होने के प्रमुख कारण?
- मिट्टी का कटाव
- जल निकासी की समस्या
- सड़क का खराब निर्माण
- भारी वाहनों का दबाव
सिर्फ कटाव की वजह से ही होता है भूं-धसाव?
कटाव के अलावा सड़कों पर गड्ढों के लिए अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें जल निकासी की समस्या भी शामिल है। अगर सड़कों से पानी निकलने की व्यवस्था अच्छी और व्यापक नहीं है तो बारिश का पानी उसमें जमा रह जाएगा और जमा हुआ पानी सड़कों को कमजोर बनाने लगता है। ऐसे में भारी वाहनों के दबाव और तेज बारिश की वजह से सड़क टूट जाती है और गड्ढा बनने लगता है।
पेड़ों की कटाई भी जिम्मेदार
पेड़ों की कटाई और वृक्षारोपण न करना भी सड़कों के अचानक धंसने के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि सड़क किनारे लगे हुए पेड़-पौधे मिट्टी पर अपनी पकड़ को मजबूत रखते हैं, लेकिन पेड़ों के न होने की वजह से मिट्टी का कटाव तेजी से होने लगता है।
