रामायण काल से जुड़ी है भारत की आखिरी सड़क की कहानी, जहां से दिखने लगता है दूसरा देश!

Last Road of India: भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर एक ऐसा मार्ग है जो सामान्य सड़कों से बिल्कुल अलग है। यह रास्ता समुद्र की ओर बढ़ते हुए अचानक खत्म हो जाता है, और सामने सिर्फ विशाल और अनंत सागर दिखाई देता है। इसकी शांत, सुनसान और भव्य खूबसूरती इसे लोगों के लिए खास अनुभव बनाती है। ऐसे में आइए जानें इसके बारे में।

Last Road of India: भारत के दक्षिण-पूर्वी तट पर एक अनोखा मार्ग स्थित है, जो किसी आम सड़क की तरह नहीं है। यह रास्ता धीरे-धीरे समुद्र की ओर बढ़ता है और अचानक समाप्त हो जाता है, सामने केवल अनंत और विकराल सागर दिखाई देती है। दोनों ओर फैली समुद्र की लहरों के बीच यह मार्ग अपनी शांत और सुनसान खूबसूरती के लिए जाना जाता है। ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यताएं इसे और भी विशेष बनाती हैं, क्योंकि माना जाता है कि यह क्षेत्र प्राचीन समय में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। 1960 के दशक में आए प्रकोप ने इसे पूरी तरह बदल दिया, फिर भी यह सड़क आज भी यात्रियों, साहसिक प्रेमियों और फोटोग्राफरों को अपनी ओर आकर्षित करती है। दूर-दूर तक फैला समुद्री दृश्य इसे अविस्मरणीय अनुभव बनाता है। ऐसे में आइए जानें भारत की आखिरी सड़क या Last Road of India के बारे में।

Last Road of India

भारत की आखिरी सड़क

भारत की आखिरी सड़क (फोटो: iStock)

भारत की आखिरी सड़क

"भारत की आखिरी सड़क" (Last Road of India) उस मार्ग के लिए प्रसिद्ध है जो धनुषकोडी (Dhanushkodi) तक जाती है, जो तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी छोर पर, रामनाथपुरम जिले में स्थित एक तटीय नगर है। यह सड़क अरिचल मुनई तक पहुंचती है और भारतीय मुख्य भूमि पर पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) से पहले का अंतिम सुलभ बिंदु है। यहां से श्रीलंका समुद्र पार लगभग 18-20 किलोमीटर दूर है, जिसे यहां से देखा भी जा सकता है।

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