Court of Arbitration for Sport: पेरिस ओलंपिक समाप्त हो चुका है और इसी के साथ ही विनेश फोगाट का सपना भी चकनाचूर हो गया। पेरिस ओलंपिक फाइनल से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद विनेश फोगाट की संयुक्त सिल्वर मेडल की अपील को भी खारिज कर दिया गया है। दरअसल, इस अपील को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) ने खारिज किया है, जिसे खेल पंचाट न्यायालय के नाम भी जाना जाता है। तो चलिए ऐसे में समझते हैं कि आखिर खेल पंचाट न्यायालय क्या है और इसकी स्थापना कब हुई थी।
खेल पंचाट न्यायालय क्या है?
खेल पंचाट न्यायालय क्या है? (What is CAS)
भारतीय मुक्केबाज विनेश फोगाट का मामला खेल पंचाट के जज एनाबेले बेनेट के पास था, जिन्होंने मामले की सुनवाई कर संयुक्त सिल्वर मेडल की अपील को खारिज कर दिया। दरअसल, खेल पंचाट या कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स एक स्वतंत्र स्थायी संस्था है, जो खेल जगत के नियमों के तहत विवादों का निपटारा करती है।
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कब हुई थी खेल पंचाट की स्थापना?
खेल पंचाट की स्थापना 1984 में हुई थी। खेल पंचाट में विवादों की सुनवाई करने वाले जज खेल से जुड़े कानूनों के विशेषज्ञ होते हैं, जिसकी मदद से उन्हें विवादों को समझने में आसानी होती है। साथ ही यह संस्था किसी के भी दबाव में आकर काम नहीं करती है। इसी वजह से इसकी सुनवाई निष्पक्ष मानी जाती है।
खेल पंचाट में कितने जज हैं?
खेल पंचाट अंतरराष्ट्रीय खेल मध्यस्थता परिषद (ICAS) के तहत आता है। इसमें 87 देशों के लगभग 300 मध्यस्थ हैं और इन्हीं मध्यस्थों को ही जज कहा जाता है। सालाना खेल पंचाट में लगभग 300 मामले दर्ज होते हैं और मध्यस्थ इन मामलों का निपटारा हैं।
खत्म हुई सिल्वर मेडल की उम्मीद
भले ही विनेश फोगाट की सिल्वर मेडल हासिल करने की उम्मीद समाप्त हो गई हो, लेकिन पूरा देश उनके साथ खड़ा है और उन्हें एक चैंपियन के तौर पर देख रहा है। महज 100 ग्राम वजन ने विनेश फोगाट का सपना उनसे छीन लिया। खेल पंचाट के फैसले पर भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने निराशा व्यक्त की है। आईओए अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कहा कि पहलवान विनेश फोगाट की युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के खिलाफ दायर अपील पर खेल पंचाट के एकमात्र पंच के फैसले से स्तब्ध और निराश हूं।
