Science News: बंद किया गया दुनिया का सबसे बड़ा पार्टिकल एक्सीलेटर? जानिए CERN के इस बड़े कदम का असली सच

Science News: CERN ने लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) को डिस्कनेक्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। LS3 शटडाउन के तहत 28 सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट बदले जाएंगे। जानिए HiLumi LHC अपग्रेड और इसके वैज्ञानिक महत्व के बारे में।

Science News: भौतिक विज्ञान की दुनिया से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खबर है कि यूरोपियन ऑर्गनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च (CERN) ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली और विशाल पार्टिकल एक्सीलेटर 'लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर' (LHC) के हिस्सों को डिस्कनेक्ट और अलग करने का काम आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। यह कदम LHC को बंद करने के लिए नहीं, बल्कि इसे एक बेहद शक्तिशाली महा-यंत्र 'हाइ-ल्यूमिनोसिटी LHC' (HiLumi LHC) में बदलने के उद्देश्य से उठाया गया है। CERN की यह महा-परियोजना विज्ञान को ब्रह्मांड के उन अनसुलझे रहस्यों तक ले जाएगी, जिन्हें अब तक सुलझाना असंभव माना जा रहा था।

CERN Large Hadron Collider

नई खोजों की ओर CERN (Newsroom Verified AI Generated Image)

क्या है लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर और क्यों है यह इतना खास?

स्विट्जरलैंड और फ्रांस की सीमा के नीचे 100 मीटर की गहराई पर बनी 27 किलोमीटर लंबी गोलाकार सुरंग में फैला LHC इंसान द्वारा बनाई गई सबसे जटिल वैज्ञानिक मशीनों में से एक है। यह कैसे काम करता है? LHC प्रकाश की गति के बेहद करीब पहुंचकर प्रोटॉन या उप-परमाणुक कणों की दो बीम को एक-दूसरे के विपरीत दिशा में दौड़ाता है और उन्हें आपस में टकराता है। इन शक्तिशाली टक्करों के जरिए वही परिस्थितियां पैदा की जाती हैं जो बिग बैंग यानी ब्रह्मांड के निर्माण के ठीक बाद बनी थीं। इसी LHC की मदद से साल 2012 में प्रसिद्ध 'गॉड पार्टिकल' (हिग्स बोसॉन) की खोज हुई थी, जिसने ब्रह्मांड में द्रव्यमान के अस्तित्व को स्पष्ट किया था।

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