Planetary Alignment: आसमान में एक ऐसी खगोलीय घटना होने वाली है, जो हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देगी। आप लोगों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड तो देखी होगी, लेकिन क्या आप लोगों ने ग्रहों की परेड देखी है। जी हां, हमारे सौरमंडल के कई ग्रह एक साथ कदमताल करेंगे और इस अद्भुत खगोलीय घटना को आप सभी देख भी सकते हैं तो चलिए इसके बारे में विस्तार से समझते हैं कि आखिर ये घटना कब होगी और इसे कैसे देखा जा सकता है।
ग्रहों की परेड
ग्रहों की परेड क्या है? (What is Planetary Alignment)
सबसे पहले ग्रहों की परेड के बारे में जान लेते हैं। जब कभी सूर्य की परिक्रमा करने वाले दो या दो से ज्यादा ग्रह एक साथ एक कतार में आ जाते हैं तो उसे प्लेनेटरी अलाइनमेंट कहते हैं। इसे ग्रहों की परेड भी कहा जाता है। इस बार छह ग्रह एक साथ एक कतार में दिखाई देंगे और बीच में एक मौका ऐसा भी आएगा जब एक और ग्रह उसमें शामिल हो जाएगा।
कब होगी 'ग्रहों की परेड' (When To See Planetary Parade)
ग्रहों की परेड 21 जनवरी से लेकर 21 फरवरी के बीच में होने वाली है जिसे भारत, अमेरिका सहित दुनिया के तमाम देशों से देखा जा सकेगा। शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद मंगल, बृहस्पति, यूरेनस, नेपच्यून, शुक्र और शनि आसमान में एक कतार में होंगे। इनमें से चार ग्रहों (मंगल, बृहस्पति, शुक्र और शनि) को खुली आंखों से दिखाई देंगे, लेकिन यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए आपको एक दूरबीन या उच्च क्षमता वाले टेलीस्कोप की जरूरत होगी।
ग्रहों की परेड
क्या है खास?
इस बार होने वाली ग्रहों की परेड में सबसे खास बात यह है कि एक ऐसा समय आएगा जब एक साथ सात ग्रह दिखाई देंगे। इन छह ग्रहों के साथ बुध भी कुछ समय के लिए नजर आएगा।
ग्रहों की परेड देखने का सही समय?
ग्रहों की परेड देखने के लिए सबसे पहले आपको किसी ऐसे स्थान पर जाना होगा जहां से आसमान एकदम साफ दिखाई दें। ग्रहों को आप लगभग रात के साढ़े आठ बजे से एक कतार में देख पाएंगे, लेकिन 11 बजे के बाद आसमान में यह ग्रह नजर नहीं आएंगे तो उससे पहले ही ग्रहों का दीदार कर लें।
