ग्लेशियर रिट्रीट से बदलती बारिश तक, क्यों बढ़ रहा हिमालय में फ्लैश फ्लड का खतरा? नेपाल त्रासदी ने बढ़ाई चिंता

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई भयावह प्राकृतिक आपदा ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते आपदा जोखिमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक ग्लेशियरों के पीछे हटने, बदलते बारिश-बर्फबारी के पैटर्न और बढ़ते तापमान से फ्लैश फ्लड व मलबे के बहाव का खतरा बढ़ सकता है। नेपाल की त्रासदी ने एक बार फिर हिमालय में जलवायु बदलाव और प्राकृतिक घटनाओं के बीच संबंधों पर वैज्ञानिक निगरानी व अध्ययन की जरूरत को सामने ला दिया है।

Nepal Flash Flood: नेपाल में हाल में आई प्राकृतिक आपदा में अब तक 359 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस भयावह घटना ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन तथा हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियरों और अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड पर इसके असर को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान (Wadia Himalayan Geology Institute) के वैज्ञानिक मनीष मेहता का कहना है कि हिमालय में हो रहे बदलावों को सिर्फ अलग-अलग घटनाओं के तौर पर नहीं देखा जा सकता। मेहता ने उत्तराखंड में पहले आईं केदारनाथ, ऋषिगंगा और धराली जैसी आपदाओं के कारणों का अध्ययन किया है। उनके अनुसार, बढ़ते तापमान की वजह से हिमालय के कई ग्लेशियर यानी हिमनद लगातार पीछे हट रहे हैं जिसे 'ग्लेशियर रिट्रीट' (Glacier Retreat) कहा जाता है। उन्होंने बताया कि आगे बढ़ने वाला ग्लेशियर अपने साथ चट्टानें, मिट्टी और मलबा लाता है जबकि पीछे हटने वाला ग्लेशियर भारी मात्रा में ढीला मलबा पीछे छोड़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस मलबे में स्थिरता नहीं होती है और भारी बारिश या तेजी से बर्फ पिघलने पर यह आसानी से ढलान से नीचे खिसक सकता है।

Nepal Flash Flood

हिमालय में मंडरा रहा खतरा! (AI फोटो)

बारिश और बर्फबारी के बदलते पैटर्न को लेकर भी चिंता

वैज्ञानिक ऊंचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बदलते पैटर्न को लेकर भी चिंतित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन इलाकों में पहले मुख्य रूप से बर्फबारी होती थी, वहां अब बारिश की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है । ऐसे में इससे पता चलता है कि बर्फबारी वाला इलाका धीरे-धीरे ज्यादा ऊंचाई की ओर खिसक रहा है, जबकि बारिश का दायरा भी ऊंचे इलाकों तक बढ़ रहा है। मेहता ने साफ किया कि अगर ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में कम समय में जोरदार बारिश होती है, तो वहां जमा ढीला मलबा पानी से भीगकर अचानक नीचे की ओर खिसक सकता है और उसका बहाव तेज हो सकता है।

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