Origin of Chai, Tea: चाय जिसके बिना शायद ही हमारी सुबह होती हो या फिर जिसके लिए शायद ही कोई मना करता हो। गांव हो या शहर, घर हो या ऑफिस, हर जगह चाय की चुस्कियां लेने के लिए कोई न कोई अपनी दिलचस्पी दिखाता ही है और हो भी क्यों न... हम दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादक देशों में से एक हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि चाय की खोज कैसे हुई थी? तो चलिए अंतराष्ट्रीय चाय दिवस (International Tea Day) के मौके पर हम आपको विस्तार से समझाते हैं।
चाय का इतिहास
कैसे हुई थी चाय की खोज ? (Discovery of Tea)
भारत में चाय की दीवानगी हर जगह देखने को मिल जाएगी। भीषण गर्मी हो या कड़ाके की ठंड चाय की चुस्कियां लगाने वाले मिल ही जाते हैं। चाय की अपनी अलग महफिल भी होती है, जहां हाथ में चाय का ग्लास और ढेर सारी बातें होती हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि चाय की खोज अनजाने में हुई थी। जी हां, आप एकदम सही पढ़ रहे हैं। पहली बार 2737 ईसा पूर्व में उबलते हुए पानी में कुछ पत्तियां आकर गिर गईं, जिसकी वजह से पानी का रंग बदल गया था और जब इसे पिया गया तो पीने वाले को तरोताजा महसूस हुआ। बस इसी प्रकार चाय की खोज हुई थी।
चाय का इतिहास
चाय की खोज कब और कहां हुई थी? ( When Tea Invented)
इतिहास बताता है कि चाय की खोज भारत में नहीं, बल्कि चीन में हुई थी और चीन ने ही लोगों को चाय पीना सिखाया था। आपको यह तो पता चल गया कि उबलते हुए पानी में कुछ पत्तियां गिरी और वह चाय बन गईं, लेकिन ऐसा कब और किसके साथ हुआ। दरअसल, चीन के सम्राट शेन नुंग उबला हुआ पानी पिया करते थे और एक बार वह जंगल में थे और आराम फरमा रहे थे। तभी सम्राट के पीने के लिए पानी उबाला जा रहा था और कुछ पत्तियां उसमें आकर गिर गईं थीं। ऐसे में चाय की खोज तो 2737 ईसा पूर्व में हुई।
चीन से दुनियाभर में पहुंची चाय( China Origin of Tea)
चीन से निकलकर चाय तिब्बत, मंगोलिया, मध्य एशिया, यूरोप हर जगह पहुंच गई और देखते ही देखते भारत में भी चाय की चुस्कियां ली जाने लगी। हां, यह बात अलग है कि हर किसी के चाय पीने का ढंग बेहद अलग था। 16वीं शताब्दी में पुर्तगाली व्यापारियों ने यूरोप के लोगों को चाय पिलाई और धीरे-धीरे यह लोगों की आदत में शुमार हो गया।
चाय का इतिहास
भारत में कब आई थी चाय? (Origin of Tea in India)
घूमते-फिरते, मौज-मस्ती करते हुए जिस चाय की चुस्कियां बड़े मजे से हम लोग लेते हैं उस चाय की शुरुआत भारत में अंग्रेजों की वजह से हुई थी। जब चीन और ब्रिटेन के बीच में ट्रेड वॉर (Trade War) चल रहा था तो चीन ने चाय का निर्यात ही रोक दिया था। ऐसा माना जाता है कि 1830 के दशक में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में चाय की खेती की शुरुआत की। अंग्रेजों ने चाय की खेती के लिए भारत और श्रीलंका को चुना था।
