अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाने वाले असहयोग आंदोलन की कब हुई थी शुरुआत?

1 August History: इतिहास में एक अगस्त का दिन एक खास घटना के साथ दर्ज है। आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाने वाले आंदोलन की शुरुआत हुई थी। हालांकि, फरवरी 1922 में हुई एक हिंसक घटना के बाद महात्मा गांधी ने आंदोलन को वापस ले लिया था।

KEY HIGHLIGHTS
  • छात्रों ने सरकारी स्कूल और कॉलेज छोड़ दिया था।
  • साल 1921 में 396 हड़तालें हुई थीं।
  • इन हड़तालों में छह लाख श्रमिक शामिल थे।

1 August History: अंग्रेज हुक्मरान की बढ़ती ज्यादतियों का विरोध करने के लिए महात्मा गांधी ने 1920 में एक अगस्त को असहयोग आंदोलन की शुरूआत की। आंदोलन के दौरान विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में जाना छोड़ दिया। वकीलों ने अदालतों का बहिष्कार कर दिया। कई कस्बों और नगरों में श्रमिक हड़ताल पर चले गए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1921 में 396 हड़तालें हुईं जिनमें छह लाख श्रमिक शामिल थे और इससे 70 लाख कार्य दिवसों का नुकसान हुआ।

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असहयोग आंदोलन

शहरों से लेकर गांव देहात में इस आंदोलन का असर दिखाई देने लगा और सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद असहयोग आंदोलन से पहली बार अंग्रेजी राज की नींव हिल गई। फरवरी 1922 में किसानों के एक समूह ने संयुक्त प्रांत के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा पुरवा में एक थाने पर आक्रमण कर उसमें आग लगा दी। हिंसा की इस घटना के बाद गांधी जी ने यह आंदोलन तत्काल वापस ले लिया।

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