Mountains Origin: पहाड़ बनने की सबसे आम और स्पष्ट प्रक्रिया पृथ्वी की विवर्तनिक प्लेटों (Tectonic Plates) के आपसी टकराव से जुड़ी होती है। जब दो महाद्वीपीय प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़कर टकराती हैं, तो भारी दबाव के कारण पृथ्वी की ऊपरी परत मुड़ने और उठने लगती है। इसी से विस्तृत और लंबी पर्वत श्रृंखलाओं का विकास होता है। इस भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया को पर्वत निर्माण का नाम दिया जाता है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण हिमालय है, जो भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव के परिणामस्वरूप बना, जहां दोनों प्लेटों की भूपर्पटी ऊपर की ओर उभरकर दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटियों में बदल गई।
कैसे बने पहाड़?
पर्वतों के निर्माण में ज्वालामुखीय गतिविधियां (Volcanic Activities) भी अहम भूमिका निभाती हैं। टेक्टोनिक प्लेटों की निरंतर हलचल से पृथ्वी की सतह में दरारें उत्पन्न हो जाती हैं, जिनसे भीतर का मैग्मा बाहर की ओर निकलकर ठंडा और ठोस हो जाता है। इसी प्रक्रिया से ज्वालामुखीय पर्वत विकसित होते हैं। ऐसी गतिविधियां विशेष रूप से प्रशांत महासागर के अग्नि-वलय क्षेत्र में अधिक देखने को मिलती हैं, जहां महासागरीय प्लेटें महाद्वीपीय प्लेटों के नीचे धंसती रहती हैं। इस दौरान होने वाले लगातार ज्वालामुखी विस्फोट ज्वालामुखीय पर्वत श्रृंखलाओं को जन्म देते हैं। दक्षिण अमेरिका की एंडीज पर्वतमाला इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां नाजका प्लेट (Nazca Plate) के दक्षिण अमेरिकी प्लेट के नीचे खिसकने के कारण अनेक ज्वालामुखीय चोटियां बनी हैं।
पर्वतों का निर्माण और विकास
इन प्रक्रियाओं से होता है पर्वतों का विकास
पर्वतों का विकास ब्लॉक फॉल्टिंग (Block Faulting) और अपरदन की प्रक्रियाओं (Erosion) से भी हो सकता है। ब्लॉक फॉल्टिंग की स्थिति में, प्लेट विवर्तनिकी से बनी दरारों या रिफ्ट के आसपास पृथ्वी की भूपर्पटी के विशाल खंड ऊपर की ओर उठ जाते हैं या एक ओर झुक जाते हैं। इस प्रक्रिया से तीखे ढलान और असमतल भूभाग वाली पर्वत श्रंखलाएं बनती हैं, जैसे अमेरिका की सिएरा नेवादा (Sierra Nevada) पर्वतमाला। इसके अलावा, जब पृथ्वी की भूपर्पटी खिंचती और पतली होती है, तो कुछ भाग ऊपर उठने लगते हैं, जिससे रिफ्ट घाटियों के साथ-साथ उनसे संबंधित पर्वत श्रृंखलाओं का निर्माण होता है।
अमेरिका का माउंट कैटादिन
पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली इस प्रकार के पर्वत निर्माण का श्रेष्ठ उदाहरण है, जहां भूपर्पटी के विस्तार के कारण ऊंचे पठारी क्षेत्र और ज्वालामुखीय पर्वत विकसित हुए हैं। वहीं, अपरदन सामान्यतः पर्वत निर्माण की प्रक्रिया नहीं मानी जाती, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में यह अवशिष्ट पर्वतों (Residual Mountains) को जन्म दे सकती है। ऐसे क्षेत्र जो कभी विस्तृत पठार या ऊंचे उत्थान वाले इलाके थे, वहां हवा, जल और हिमनदों (Glacier) द्वारा लगातार कटाव के कारण कठोर चट्टानी भाग शेष रह जाते हैं और पर्वत का रूप ले लेते हैं। अमेरिका के मेन राज्य में स्थित माउंट कैटादिन (Mount Katahdin) इसका प्रमुख उदाहरण है।
दुनिया की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला कौन सी है?
दुनिया की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला कौन सी है?
विश्व की सबसे लंबी स्थल पर्वत श्रृंखला एंडीज (Andes) है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी किनारे के साथ लगभग 7,000 किलोमीटर (करीब 4,350 मील) तक फैली हुई है और कई देशों की सीमा से होकर गुजरती है। वहीं यदि समुद्र के नीचे मौजूद पर्वत श्रंखलाओं को भी गिना जाए, तो मिड-ओशन रिज (Mid-Ocean Ridge) पृथ्वी की सबसे विस्तृत पर्वत प्रणाली मानी जाती है, जिसकी लंबाई लगभग 65,000 किलोमीटर तक आंकी गई है।
