Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश की वाईएसआरसीपी पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य की पूर्व मंत्री विदादला रजनी को पुलिस अधिकारी ने जमीन पर धकेल दिया। पार्टी का कहना है कि यह घटना स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान हुई। वाईएसआरसीपी के अनुसार, रजनी अपने घर में नजरबंद थीं। वह अपनी पार्टी के MPTC और ZPTC उम्मीदवारों को फॉर्म B दे रही थीं। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने यादलापाडु के ZPTC उम्मीदवार पांडुला बुल्लाबाई को रजनी के घर में जाने से रोक दिया। पांडुला बुल्लाबाई एक दलित नेता हैं। जब रजनी ने पुलिस से इसका कारण पूछा, तो चिलकलुरीपेट ग्रामीण की एसआई प्रियंका ने उन्हें जमीन पर धकेल दिया। पार्टी का कहना है कि उन्हें नुकीले पत्थर की तरफ धकेला गया।
आंध्र में पूर्व मंत्री को पुलिस ने पटका (फोटो साभार- YSRCP)
'पूर्व मंत्री पर राज्य पुलिस ने की ज्यादती'
वाईएसआरसीपी ने अपने पोस्ट में लिखा, "विदादला रजनी चिलकलुरीपेट की पार्टी प्रभारी हैं। वह MPTC और ZPTC उम्मीदवारों को B-फॉर्म देते समय हाउस अरेस्ट में थीं। जब यादलापाडु के ZPTC उम्मीदवार और दलित नेता पांडुला बुल्लाबाई उनसे मिलने आए, तो पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। रजनी ने सवाल किया कि हमारे उम्मीदवारों को उनके अपने घर में आने से क्यों रोका जा रहा है।" पार्टी ने आगे कहा, "रजनी ने क्या अपराध किया? क्या अपने उम्मीदवारों से मिलना अपराध है? B-फॉर्म देना अपराध है? अपने ही घर में पुलिस की रोक-टोक पर सवाल उठाना अपराध है? हमने शिकायत की है कि पुलिस टीडीपी नेताओं के कहने पर काम कर रही है। वह हमारे उम्मीदवारों को रोक रही है, जबकि उन्हें सुरक्षा देनी चाहिए। इस मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।"
राज्य चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
वाईएसआरसीपी ने मांग की है कि राज्य चुनाव आयोग तुरंत कार्रवाई करे। आयोग हमारे उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और नामांकन में हो रहे गलत हस्तक्षेप को रोके। पार्टी ने कहा, "चंद्रबाबू नायडू को जवाब देना चाहिए कि उनकी सरकार में पुलिस ऐसा व्यवहार क्यों कर रही है। स्थानीय निकाय चुनावों में लगातार रुकावट की शिकायतें आ रही हैं।"
13 जिलों में 31 हिंसा की घटनाएं
बता दें कि आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन के दौरान गुरुवार को 13 जिलों में 31 घटनाएं हुईं। इनमें हिंसा और नामांकन पत्र फाड़ने की घटनाएं शामिल हैं। यह जानकारी राज्य के डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने दी। उन्होंने कहा कि 22 घटनाओं में हिंसा, झड़प हुई, जबकि 9 मामलों में नामांकन पत्र छीने या फाड़े गए।
