शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2026 की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं द्वारा संचालित लोकतंत्र का सबसे सशक्त उदाहरण है, जहाँ सपनों को स्वर और उस स्वर को असर देने का अवसर मिलता है। उन्होंने जोर दिया कि आज के युवा केवल भविष्य के नागरिक नहीं बल्कि वर्तमान के राष्ट्रनिर्माता हैं।
डॉ. मांडविया ने बताया कि VBYLD युवाओं को ऐसा मंच देता है जहाँ वे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रख सकते हैं। यह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें देशभर के युवा अपनी प्रतिभा और दृष्टि से योगदान देते हैं। इस आयोजन का भव्य समापन 10 से 12 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में होगा, जिसमें देशभर से चुने गए 3,000 से अधिक युवा एक साथ जुटेंगे।
युवाओं की शक्ति और प्रधानमंत्री का आह्वान
आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर यह संकल्प लिया था कि राजनीति में बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि के एक लाख युवाओं को जोड़ा जाए। इसी सोच से नेशनल यूथ फेस्टिवल को नए स्वरूप में ढालकर विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का नाम दिया गया। इसका उद्देश्य 15 से 29 वर्ष के युवाओं को एक राष्ट्रीय मंच देना है, जहाँ वे अपने विचार सीधे प्रधानमंत्री के सामने रख सकें और विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बनें।
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि भारत की 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है। ऐसे में वही युवा भारत के भविष्य की दिशा तय करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि आज के 30 साल से कम उम्र के युवा अपने कर्तव्यों का आह्वान करें और 2047 तक विकसित भारत के निर्माता बनें।
VBYLD 2025 : जब हुई थी एक ऐतिहासिक शुरुआत
पहले संस्करण VBYLD 2025 में देशभर से लगभग 30 लाख युवाओं ने भाग लिया था। इनमें से 2 लाख से अधिक युवाओं ने निबंध लिखे और 9,000 से ज्यादा युवाओं ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। अंत में 3,000 युवा दिल्ली के भारत मंडपम में एकत्र हुए। इनमें 1,500 युवा विकसित भारत चैलेंज ट्रैक से, 1,000 सांस्कृतिक ट्रैक से और 500 पाथब्रेकर्स शामिल थे।
इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे छह घंटे युवाओं से संवाद किया। उन्होंने उनके विचार सुने और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी। इस मौके पर नीति आयोग के अमिताभ कांत, इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. एस. सोमनाथ, उद्योगपति आनंद महिंद्रा और रितेश अग्रवाल, क्रिकेटर जोंटी रोड्स और कई हस्तियां भी मौजूद थीं। इन सभी ने युवाओं को प्रेरित किया और विकसित भारत की राह पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
2026 संस्करण की रूपरेखा
पहले संस्करण की सफलता के बाद अब VBYLD 2026 को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। इस बार कार्यक्रम में दो नए वर्टिकल जोड़े गए हैं पहला डिज़ाइन फॉर भारत और दूसरा टेक फॉर विकसित भारत-हैक फॉर ए सोशल कॉज। इसमें युवाओं को नए डिजाइन और तकनीकी समाधानों के माध्यम से देश के लिए योगदान करने का अवसर मिलेगा।
इस बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी होगी। विदेश मंत्रालय की पहल नो इंडिया प्रोग्राम के तहत 80 विदेशी युवा और बिम्सटेक देशों से 20 प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे। इससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अनुभव और विचार साझा करने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिता की पूरी टाइमलाइन
VBYLD 2026 की यात्रा कई चरणों में पूरी होगी।
क्विज़ राउंड: 1 सितंबर से 15 अक्टूबर 2025
निबंध प्रतियोगिता: 23 अक्टूबर से 5 नवंबर 2025
राज्य स्तरीय प्रेजेंटेशन: 24 नवंबर से 8 दिसंबर 2025
राष्ट्रीय स्तर का फाइनल: 10 से 12 जनवरी 2026, नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्तर पर 1,500 प्रतिभागी विकसित भारत चैलेंज ट्रैक से, 1,000 प्रतिभागी सांस्कृतिक और डिजाइन ट्रैक से और 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इनके अलावा विशेष अतिथियों और विशेषज्ञों की मौजूदगी से यह आयोजन और भी खास बनेगा।
आत्मनिर्भर भारत पर युवाओं का फोकस
अमेरिकी टैरिफ की मार से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का विषय पहले भी VBYLD का हिस्सा रहा है। इस बार मौजूदा वैश्विक परिस्थिति को देखते हुए युवाओं के संवाद और प्रस्तुतियों में इस मुद्दे को प्रमुख स्थान दिया जाएगा। इससे युवाओं को उत्पादन और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
