बेनेट यूनिवर्सिटी का 'टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया' क्यों है भारत के 'क्रिएटर-फर्स्ट' मीडिया भविष्य की पहली पसंद?

यह लेख विस्तार से बताता है कि बेनेट यूनिवर्सिटी का 'टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया' छात्रों को भारत के तेजी से बढ़ते 'क्रिएटर-फर्स्ट' मीडिया उद्योग के लिए कैसे तैयार कर रहा है। इसमें BAJMC और MAJMC प्रोग्राम्स के फायदों, व्यावहारिक औद्योगिक एक्सपोज़र और 'द टाइम्स ग्रुप' के मजबूत इकोसिस्टम के सहयोग को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही, यह लेख यह भी दिखाता है कि कैसे छात्र प्रैक्टिकल लर्निंग और पोर्टफोलियो डेवलपमेंट के माध्यम से डिजिटल मीडिया, ओटीटी (OTT), स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, एआई (AI) कंटेंट प्रोडक्शन और क्रिएटर इकोनॉमी के क्षेत्र में एक शानदार करियर बना सकते हैं।

भारत का मीडिया उद्योग पत्रकारिता की उस पुरानी धारणा से कहीं आगे निकल चुका है, जहां मीडिया का मतलब सिर्फ अखबार, टेलीविजन बुलेटिन और पारंपरिक न्यूज़रूम हुआ करता था। आज मीडिया स्मार्टफोन, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स, पॉडकास्ट, सोशल फीड्स, डिजिटल कैंपेन, क्रिएटर चैनल्स, स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज, एंटरटेनमेंट फॉर्मेट्स और एआई (AI) सक्षम प्रोडक्शन सिस्टम्स पर धड़कता है। मीडिया में करियर का सपना देखने वाले छात्रों के लिए इस बदलाव ने एक बहुत बड़ी दुनिया के दरवाजे खोल दिए हैं।

Bennett University.

बेनेट यूनिवर्सिटी का 'टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया' क्यों है भारत के 'क्रिएटर-फर्स्ट' मीडिया भविष्य की पहली पसंद?

नई पीढ़ी अब सिर्फ "मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई" नहीं करना चाहती। वह कॉलेज में रहते हुए ही कंटेंट बनाना, पब्लिश करना, परफॉर्म करना, इन्फ्लुएंस करना, डेटा एनालिसिस करना, अपनी ऑडियंस बनाना और प्रोफेशनली अपनी पहचान बनाना चाहती है। आज के छात्र कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट, डिजिटल स्टोरीटेलर, ओटीटी (OTT) प्रोड्यूसर, क्रिएटर-एंटरप्रेन्योर, स्पोर्ट्स मीडिया प्रोफेशनल, एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट और एआई कंटेंट प्रोड्यूसर बनना चाहते हैं। यही वह जगह है जहां बेनेट यूनिवर्सिटी का टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया (Times School of Media) छात्रों को एक बड़ा फायदा देता है।

End of Feed