Rat Mining: आखिरी वक्त पर क्यों पड़ी रैट माइनिंग की जरूरत, कभी मजदूरों के लिए मानी जाती थी अभिशाप

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 28, 2023, 05:34 PM IST

रैट माइनिंग मुख्य रूप से कोयला खदानों में प्रयोग होता है। सालों पहले, जब मशीनें नहीं थीं तब कोयला हाथों से निकाला जाता था। बाद में मशीनें आईं तो इसमें कमी आई, लेकिन छोटे और संकरे कोल ब्लॉकों में यह आज भी कई जगहों पर प्रयोग होता है।

उत्तराखंड सुरंग हादसे में रेस्क्यू के दौरान कुछ शब्दों की काफी चर्चा रही है। ऑगर मशीन, मैन्युअल ड्रिलिंग, वर्टिकल ड्रिलिंग और रैट माइनिंग। इन शब्दों में से रैट माइनिंग एक ऐसा कार्य है, जिसपर भारत में प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन जब मशीनें, मजदूरों को निकालने में नाकामयाब हो गईं, टूट गईं, तब इसी रैट माइनिंग ने मजदूरों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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