Ayni Air Base: भारत ने ताजिकिस्तान में स्थित अयनी एयरबेस को खाली कर दिया है। भारतीय सैन्य अभियानों के लिए अयनी एयरबेस काफी अहम रहा है और लंबे समय तक भारत ने इस एयरबेस का संचालन किया और अब वहां से अपना बोरिया-बिस्तर समेट लिया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि किसी भी एयरपोर्ट के पुनर्वास और विकास के लिए ताजिकिस्तान के साथ हमारा द्विपक्षीय समझौता था और समझौते के समापन के बाद हमने यह सुविधा ताजिकिस्तान को सौंप दी।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फाइल फोटो)
विदेश मंत्रालय ने क्या कुछ कहा?
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ''किसी भी एयरपोर्ट के पुनर्वास और विकास के लिए ताजिकिस्तान के साथ हमारा द्विपक्षीय समझौता था। यह समझौता कई वर्षों से लागू था। ताजिकिस्तान के साथ हुए समझौते के समापन के बाद हमने यह सुविधा ताजिकिस्तान को सौंप दी। ऐसा 2022 में हुआ।''
भारत ने 2002 से ताजिकिस्तान के एक रणनीतिक रूप से अहम एयरबेस के संचालन में मदद करने के बाद वहां अपना अभियान पूरा कर लिया। भारतीय सेना की अयनी एयरबेस से वापसी कथित तौर पर दोनों देशों के बीच 2022 में द्विपक्षीय समझौते के समाप्त होने के बाद हुई है। सनद रहे कि
अयनी एयरबेस से अफगानिस्तान की उत्तरी सीमा महज 100 किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में भारत और अफगानिस्तान के बीच न सिर्फ नजदीकियां थीं, बल्कि अपने पड़ोसी पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर नजर भी रखी जा सकती थी।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सेना ने लगभग 10 वर्ष पहले अयनी एयरबेस पर अस्थायी रूप से Su-30MKI लड़ाकू विमानों के साथ-साथ सैन्य हेलिकॉप्टर भी तैनात किए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान में नियंत्रण हासिल करने के बाद एयरबेस की उपयोगिता कम हो गई।
