मजबूरी बड़ी चीज है: ममता दीदी को नाराज क्यों नहीं करना चाहती कांग्रेस, बंगाल हिंसा पर सियासी चुप्पी के क्या हैं मायने?

  • Authored by: गौरव श्रीवास्तव
  • Updated Jul 11, 2023, 07:07 AM IST

West Bengal Violence: सियासत में मजबूरी बड़ी चीज होती है और हिंसाग्रस्त पश्चिम बंगाल में इसी मजबूरी से कांग्रेस पार्टी गुज़र रही है। हर तरह के जोड़ तोड़ और गठबंधन के सहारे कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में अपनी हालत बदल लेना चाहती है। ऐसे में विपक्षी एकता की चाहत में वो ममता की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती।

West Bengal Violence: मणिपुर की हिंसा को पुरजोर मुद्दा बनाने वाले कांग्रेस आलाकमान ने पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव में सियासी हिंसा पर पूरी तरह चुप्पी साध ली है। जहां केंद्रीय नेतृत्व ममता सरकार की मंशा को सही ठहरा रहे हैं, वहीं उसके बंगाल से सांसद और लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी लगातार अकेले राज्य सरकार पर हमलावर हैं। ऐसे में सवाल ये कि कांग्रेस के इस दोहरे रवैए का राज क्या है?

Mamata Banerjee

ममता बनर्जी

विपक्षी एकता: जरूरत या सियासी मजबूरी

सियासत में मजबूरी बड़ी चीज होती है और हिंसाग्रस्त पश्चिम बंगाल में इसी मजबूरी से कांग्रेस पार्टी गुज़र रही है। राज्य की राजनीति की बात करें तो कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन विपक्ष की भूमिका में है और पंचायत चुनावों में हुई हिंसा पर बीजेपी के सुर सुर मिलाते हुए ममता सरकार पर जबरदस्त तरीके से हमलावर है।

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