पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Election 2026) में भाजपा को 207 सीटों पर जीत के साथ प्रचंड बहुमत मिला। आज यानी शनिवार 9 मई को राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पद और गोपनीयता की शपथ भी ले ली। मुख्यमंत्री के साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनके नाम अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू, निसिथ प्रमाणिक हैं। आज शपथ लेने वाले पांच मंत्रियों में अग्निमित्रा पॉल एकमात्र महिला हैं। भाजपा की तेजतर्रार नेता और हाल में चुनाव जीतकर विधायक बनीं अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) को मुख्यमंत्री पद की रेस में भी माना जा रहा था। चलिए जानते हैं अग्निमित्रा पॉल कौन हैं।
कौन हैं पश्चिम बंगाल में मंत्री पद की शपथ लेने वाली अग्निमित्रा पॉल
बड़े अंतर से दर्ज की शानदार जीत
Agnimitra Paul पॉल ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में आसनसोल दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी तापस बनर्जी को 40 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर, शानदार जीत दर्ज की। अग्निमित्रा पॉल पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी का एक मजबूत महिला चेहरा हैं।
काजोल-श्रीदेवी और मिथुन की फैशन डिजाइनर
25 नवंबर 1974 को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में जन्मी अग्निमित्रा पॉल पेशे से एक मशहूर फैशन डिजाइन रही हैं। उन्होंने अपना खुद का ब्रांड 'INGA' स्थापित किया। वह मशहूर फिल्मी हस्तियों जैसे श्रीदेवी, काजोल और मिथुन चक्रवर्ती जैसे बड़े स्टार्स की पसंदीदा फैशन डिजाइनर रही हैं। बाद में उनकी रुचि राजनीतिक में बढ़ी और साल 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
पहली बार में ही सनसनीखेज जीत
अग्निमित्रा पॉल को भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में पहली बार अपना उम्मीदवार बनाया। उन्होंने पहली बार में ही तृणमूल कांग्रेस की प्रत्याशी सायोनी घोष को हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की। इसके बाद वह भाजपा संगठन में लगातार सक्रिय रहीं और महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार, अवैध खनन व कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लगातार मजबूती से उठाती रहीं।
भाजपा ने अग्निमित्रा को महिला शक्ति के रूप में पेश किया
विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान भी अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल के औद्योगिक पिछड़ेपन व महिलाओं की सुरक्षा को मुद्दा बनाया। भाजपा ने भी अग्निमित्रा को 'महिला शक्ति' के प्रतीक के रूप में पेश किया और इससे उनकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई। प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने स्यवं को 'भूमिपुत्री' के रूप में प्रस्तुत किया। अग्निमित्रा की साफ छवि, बेबाक बोलने की शैली और महिला मतदाताओं में उनकी पकड़ उन्हें एक मजबूत राजनेता के रूप में स्थापित करती है।
