Times Now Amazing Indian Awards 2026: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को टाइम्स नाउ के अमेजिंग इंडिया अवार्ड्स 2026 कार्यक्रम में भारत की विकास यात्रा, आर्थिक प्रगति, लोकतंत्र, जन-संवाद और तकनीक के बदलते प्रभाव पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कार्यक्रम में सम्मानित किए गए लोगों को समाज के 'हिडेन जेम' (Hidden Gem) बताते हुए कहा कि देश के विकास में ऐसे लोगों का योगदान महत्वपूर्ण है, जो बिना किसी पुरस्कार या पहचान की अपेक्षा के काम करते हैं। इस कार्यक्रम में पूर्व प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रिजिजू ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति एक सामूहिक यात्रा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब हम समस्याओं का मिलकर सामना करेंगे और साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे, तभी भारत सफल होगा। उन्होंने कहा, ''मैं अपने मंत्रालय की समीक्षा बैठकों में लोगों को सुनता हूं और बिना किसी पूर्व तैयारी के सहज रूप से अपनी बात रखता हूं।'' उन्होंने आगे कहा कि देश की विभिन्न गतिविधियों के बीच, टाइम्स नाउ ने जूरी की एक बेहतरीन टीम के साथ मिलकर समाज के छिपे हुए रत्नों और अद्भुत भारतीयों की पहचान की है।
'हम सभी एक टीम का हिस्सा'
रिजिजू ने कहा कि यह एक ऐसी यात्रा है जिसे सबको मिलकर तय करना है; यदि कोई समस्या आती है तो मिलकर सामना करेंगे और जब हम सब सफल होंगे तो भारत सफल होगा। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद सभी लोग एक ही टीम का हिस्सा हैं, लेकिन सभी के विचार और राय अलग हो सकते हैं और यही समाज की असली सुंदरता है।
देश की आर्थिक प्रगति देखकर होता है गर्व
भारत की विकास यात्रा को याद करते हुए रिजिजू ने अपने शुरुआती राजनीतिक दिनों को याद किया और कहा कि जब वह युवा सांसद थे, तब उन्हें इस बात की चिंता होती थी कि देश विकास की रफ्तार में चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप के कई देशों से पीछे क्यों है। उन्होंने कहा कि आज भारत की आर्थिक प्रगति को देखकर गर्व महसूस होता है।
केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन इस विकास का लाभ केवल वर्तमान पीढ़ी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक भी पहुंचना चाहिए।
विकास का लाभ सभी तक पहुंचाने पर जोर
रिजिजू ने कहा कि अगर समाज का कोई वर्ग विकास की यात्रा में पीछे छूट रहा है या खुद को असंतुष्ट महसूस कर रहा है, तो उसे साथ लेकर चलना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने समावेशी विकास की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि देश की प्रगति का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए।
'भारत से ज्यादा बोलने की आजादी कहां मिलेगी?'
भारतीय लोकतंत्र की चर्चा करते हुए रिजिजू ने कहा कि लोगों को अलग विचार रखने, असंतुष्ट होने और सरकार या आर्थिक आंकड़ों पर सवाल उठाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विचारों की विविधता और बहस महत्वपूर्ण है। उन्होंने संसद देखने आए महाराष्ट्र के छात्रों के एक बड़े समूह के साथ हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। रिजिजू के मुताबिक, उन्होंने छात्रों के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की और उनके सवालों के जवाब दिए। उन्होंने इसे युवाओं के साथ सीधे संवाद का महत्वपूर्ण अनुभव बताया।
उन्होंने कहा कि भारत से ज्यादा आजादी आपको कहां मिलेगा? जहां सुबह से लेकर रात तक आप बोल सकते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि जो ज्यादा बोलते हैं, वो कभी-कभी वही बोलते हैं कि बोलने की आजादी नहीं है। रिजिजू आगे ने भारत की संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की विविधता और जटिलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविध देश में अलग-अलग विचारों का होना स्वाभाविक है और यही लोकतंत्र की विशेषता है।
अटल-आडवाणी के दौर को किया याद
इस दौरान, रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी से मिले मार्गदर्शन को याद किया। उन्होंने कहा कि करीब 25 साल पहले उनकी सोच और परिस्थितियां अलग थीं और समय के साथ पीढ़ियां, माहौल और चुनौतियां बदलती रहती हैं।
